भर्ती में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं, CM Yogi ने दिए पारदर्शिता और समयसीमा के सख्त निर्देश…

UP Police Bharti: उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग को और अधिक मजबूत, आधुनिक और संसाधन संपन्न बनाने की दिशा में योगी सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक आधारित निगरानी के साथ संपन्न कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ी इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी नियमों और मानकों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही भर्ती से जुड़े प्रत्येक चरण को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

81,472 पदों पर चल रही है भर्ती प्रक्रिया
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में कुल 81,472 पदों पर भर्ती प्रक्रिया संचालित हो रही है। इन पदों में उप निरीक्षक (SI), आरक्षी, होमगार्ड्स, कंप्यूटर ऑपरेटर, रेडियो सहायक परिचालक, कुशल खिलाड़ी और मृतक आश्रित भर्ती सहित कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा पुलिस बल की कार्यक्षमता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल का पर्याप्त और प्रशिक्षित होना बेहद आवश्यक है।

जून में होगी आरक्षी भर्ती परीक्षा
समीक्षा बैठक में बताया गया कि आरक्षी एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए लगभग 28 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के आवेदन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और तकनीकी संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षा की शुचिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अक्टूबर तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य
अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि सरकार ने भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम अक्टूबर 2026 तक घोषित करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और युवाओं को समय पर नियुक्ति मिलनी चाहिए।

उन्होंने भर्ती बोर्ड को निर्देश दिया कि परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम से संबंधित सभी प्रक्रियाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना समाप्त हो सके।

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पारदर्शी भर्ती से युवाओं का बढ़ेगा भरोसा
प्रदेश सरकार लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि सरकारी नौकरियों में चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। पिछले कुछ वर्षों में भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीक आधारित निगरानी, सीसीटीवी व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे कदमों को लागू किया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन यदि यह सफलतापूर्वक संपन्न होती है तो इससे युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर विश्वास और मजबूत होगा।

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पुलिस बल को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों और प्रशिक्षित मानवबल से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है। बड़ी संख्या में होने वाली ये भर्तियां केवल रोजगार का अवसर ही नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में भी अहम कदम हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस देश की सबसे आधुनिक और सक्षम पुलिस बलों में शामिल हो। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता दोनों पर समान रूप से जोर दिया जा रहा है।

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