
दो साल से अधिक तैनाती वाले अधिकारी हटेंगे, नई पोस्टिंग की तैयारी तेज…
उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग ने निर्यातोन्मुखी पशुवधशालाओं (स्लॉटर हाउस) एवं मांस प्रसंस्करण इकाइयों में पशु चिकित्साधिकारियों की तैनाती व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शासन द्वारा जारी नए निर्देशों के बाद विभाग में व्यापक स्तर पर तबादलों और नई तैनातियों की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम द्वारा 17 मार्च 2026 को जारी शासनादेश के अनुसार अब किसी भी पशु चिकित्साधिकारी को एक ही पशुवधशाला अथवा मांस प्रसंस्करण इकाई में लंबे समय तक तैनात नहीं रखा जाएगा। शासनादेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिन अधिकारियों की किसी इकाई में लगातार एक वर्ष से अधिक अथवा पूरे सेवाकाल में कुल दो वर्ष से अधिक अवधि तक तैनाती रही है, उन्हें वहां से हटाकर अन्य योग्य अधिकारियों को तैनात किया जाएगा।
बेहतर कार्यछवि वाले अधिकारियों को मिलेगी प्राथमिकता
शासनादेश में यह भी निर्देश दिया गया है कि नई तैनातियों के दौरान केवल पात्रता ही नहीं बल्कि अधिकारियों की कार्यशैली, कार्य निष्पादन क्षमता और विभागीय छवि को भी ध्यान में रखा जाएगा। विभाग का उद्देश्य ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है जिनकी कार्यप्रणाली निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी मानी जाती हो।
जिलों से मांगी गई पात्र अधिकारियों की सूची
शासनादेश के अनुपालन में पशुपालन विभाग के निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 29 मई 2026 को उन्नाव सहित कई जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे अधिकारियों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं जो इन इकाइयों में तैनाती के लिए पात्र हों।
सूत्रों के अनुसार जिलों से प्राप्त होने वाली सूचनाओं के आधार पर विभाग स्तर पर नई तैनातियों की सूची तैयार की जाएगी और जल्द ही आदेश जारी किए जा सकते हैं। इससे कई जिलों में कार्यरत पशु चिकित्साधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।
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पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल
विभागीय अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। इसी कारण समयबद्ध रोटेशन नीति लागू करने का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था से न केवल प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा बल्कि कार्यप्रणाली में भी अधिक जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
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जल्द जारी हो सकते हैं नए आदेश
पशुपालन विभाग के सूत्रों का कहना है कि शासनादेश के अनुपालन में कार्रवाई शुरू हो चुकी है और पात्र अधिकारियों के नाम प्राप्त होते ही नई तैनातियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में कई निर्यातोन्मुखी पशुवधशालाओं और मांस प्रसंस्करण इकाइयों में तैनाती संबंधी नए आदेश जारी होने की संभावना है।
विभाग की इस पहल को प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे तैनाती व्यवस्था को अधिक निष्पक्ष और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
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