मेरठ हत्याकांड पर सियासी बवाल, कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट, चंद्रशेखर आजाद रोके गए…

Meerut murder case: दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर यूपी में राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेताओं को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया, जबकि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को मेरठ पहुंचने से पहले मुजफ्फरनगर के रोहाना टोल प्लाजा पर रोक दिया गया। बाद में प्रशासन उनकी पीड़ित परिवार से मुलाकात कराने पर राजी हो गया।

कांग्रेस नेताओं को घरों में किया गया नजरबंद:

कांग्रेस द्वारा गठित प्रतिनिधिमंडल को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए पुलिस ने देर रात कई नेताओं के घरों पर पहुंचकर उन्हें नजरबंद कर दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला, पूर्व विधायक गजराज सिंह, महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा सहित जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, विशाल वशिष्ठ, सलीम खान और रीना शर्मा को घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई।

पूर्व जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है।


चंद्रशेखर आजाद को टोल प्लाजा पर रोका गया

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को सहारनपुर से मेरठ जाते समय मुजफ्फरनगर के रोहाना टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान वहां तनाव की स्थिति बन गई। बाद में प्रशासन ने टोल प्लाजा स्थित गेस्ट हाउस में पीड़ित परिवार को बुलाकर सांसद की मुलाकात कराने पर सहमति जताई।

चंद्रशेखर ने सरकार पर आरोप लगाया कि न्याय की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और पीड़ित परिवार से मिलने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।


लखनऊ में भाजपा कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन

मेरठ हत्याकांड के विरोध में लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के मुख्य द्वार पर देर रात पोस्टर लगाए गए। छात्र नेता शुभम खरवार द्वारा लगाए गए पोस्टरों में पीड़िता को न्याय दिलाने और मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पोस्टर में कानून व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर भी सवाल उठाए गए।

भाजपा के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने इसे गैर-जिम्मेदाराना हरकत बताते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई करेगी।


बुलंदशहर में पूनम पंडित भी हाउस अरेस्ट

राष्ट्रीय महिला कांग्रेस की सचिव पूनम पंडित को भी मेरठ जाने से पहले बुलंदशहर स्थित उनके आवास पर पुलिस ने नजरबंद कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच की मांग उठाने से पहले ही उन्हें रोक दिया गया।


क्या है ललिता गौतम हत्याकांड?

बीए फाइनल की छात्रा ललिता गौतम (20) 15 मई को परीक्षा देने निकली थीं, जिसके बाद रोहटा क्षेत्र के एक गन्ने के खेत में उनका शव मिला। पुलिस ने मृतका के कथित प्रेमी अंकुश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो बाद में जमानत पर रिहा हो गया। इसके बाद परिजनों और दलित संगठनों ने अन्य आरोपियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।


कलेक्ट्रेट पर बवाल, कई गिरफ्तारियां

हाल ही में मेरठ कलेक्ट्रेट पर हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और अब तक सात से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है।


प्रशासन का पक्ष

मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडेय ने कहा कि मुख्य आरोपी पहले ही जेल भेजा जा चुका है और मामले की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच जारी है। पुलिस के अनुसार कुछ बाहरी और राजनीतिक तत्व इस घटना को राजनीतिक एवं सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं। कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एहतियातन नेताओं की आवाजाही पर रोक और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।


राजनीतिक बयानबाजी तेज

इस हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और सांसद चंद्रशेखर आजाद पहले ही सरकार को घेर चुके हैं। अब कांग्रेस भी इसे कानून-व्यवस्था और दलित सुरक्षा का बड़ा मुद्दा बनाते हुए पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने का दावा कर रही है। दूसरी ओर सरकार और प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ रही है और किसी भी व्यक्ति को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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