दिल्ली-मेरठ के बाद अब UP में नमो भारत कॉरिडोर, योगी सरकार ने दी मंजूरी

Namo Bharat Corridor in UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लखनऊ, कानपुर और अयोध्या को जोड़ने वाले ‘नमो भारत कॉरिडोर’ (रैपिड रेल) को मंजूरी दे दी है।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की तर्ज पर बनने वाला यह उत्तर प्रदेश का पहला सेमी हाईस्पीड रेल नेटवर्क होगा, जिससे तीन प्रमुख शहरों के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद अब इसके विस्तृत क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इस परियोजना को उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) के समग्र विकास की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।

लखनऊ में प्रस्तावित 12 स्टेशन
प्रस्ताव के अनुसार, लखनऊ शहर में नमो भारत कॉरिडोर पर 12 स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से नयागंज, नवाबगंज, बंथरा और अमौसी जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। यह कॉरिडोर शहर के महत्वपूर्ण आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक इलाकों को जोड़ते हुए यात्रियों को तेज़ सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराएगा।

अंतिम स्टेशन सूची और निर्माण योजना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तथा तकनीकी सर्वे के बाद तय की जाएगी।

कानपुर से अयोध्या तक मिलेगा सीधा सेमी हाईस्पीड कनेक्शन
प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर कानपुर, लखनऊ और अयोध्या के बीच हाई-स्पीड क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क विकसित करेगा। इससे दैनिक यात्रियों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश, पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई गति देगी।

UPSCR के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार ने केवल नमो भारत कॉरिडोर ही नहीं, बल्कि 300 किलोमीटर लंबी UPSCR आउटर रिंग रोड परियोजना को भी मंजूरी दी है। यह रिंग रोड राजधानी क्षेत्र के विभिन्न जिलों को बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करेगी और शहरों में बढ़ते ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद करेगी।

इंडस्ट्रियल हब को भी मिली मंजूरी
बैठक में रायबरेली के बछरावां और हरदोई के संडीला में नए इंडस्ट्रियल हब विकसित करने की योजना को भी हरी झंडी दी गई। इसके अलावा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ी कई अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

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LDA ने तैयार किया था प्रस्ताव
इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रारंभिक प्रस्ताव लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने तैयार कर राज्य सरकार को भेजा था। मुख्यमंत्री स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), भूमि अधिग्रहण, वित्तीय स्वीकृति और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं पर कार्य शुरू किया जाएगा।

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यात्रियों और अर्थव्यवस्था को होगा लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि नमो भारत कॉरिडोर बनने से यात्रा का समय कम होगा, सड़क यातायात पर दबाव घटेगा और राजधानी क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। इससे रियल एस्टेट, व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

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