पूरे यूपी में OTS लागू, गृहकर-जलकर के बकायेदारों के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा…

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों संपत्ति करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (One Time Settlement-OTS) लागू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत पिलखुवा समेत प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों में बकाया संपत्ति कर (गृहकर, जलकर एवं सीवरकर) पर लगने वाले ब्याज और सरचार्ज में 100 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।

यह योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का उद्देश्य लंबे समय से लंबित करों की वसूली में तेजी लाना, करदाताओं को आर्थिक राहत देना और नगर निकायों की आय बढ़ाना है।

किन बकायों पर मिलेगा लाभ?
सरकार के आदेश के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 तक लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकाया पर यह योजना लागू होगी। यदि करदाता निर्धारित अवधि के भीतर मूल कर राशि का भुगतान कर देते हैं, तो उन पर लगाए गए ब्याज और सरचार्ज को पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा।

इससे उन लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी, जिनका वर्षों से कर बकाया होने के कारण ब्याज और जुर्माने की राशि लगातार बढ़ती जा रही थी।

तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा
करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बकाया राशि का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने की अनुमति दी है। इससे एकमुश्त बड़ी राशि जमा करने में असमर्थ लोगों को भी योजना का लाभ लेने में आसानी होगी।

सरकार का मानना है कि किस्तों की सुविधा मिलने से अधिक से अधिक लोग योजना में शामिल होंगे और नगर निकायों की राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध
नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक करदाता इसका लाभ उठा सकें।

इसके लिए नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। साथ ही नागरिकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन और भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

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समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
राज्य सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि OTS योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निस्तारण किया जाए। साथ ही बकाया कर की वसूली की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि योजना का उद्देश्य पूरी तरह सफल हो सके।

करदाताओं और नगर निकायों दोनों को होगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना दोहरे लाभ वाली साबित हो सकती है। एक ओर करदाताओं को ब्याज और सरचार्ज से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर नगर निकायों को लंबे समय से लंबित राजस्व प्राप्त होगा। इससे स्थानीय विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन भी मजबूत होंगे।

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15 दिसंबर तक का सुनहरा अवसर
सरकार ने स्पष्ट किया है कि OTS योजना का लाभ केवल 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 के बीच ही उपलब्ध रहेगा। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद सामान्य नियम लागू हो जाएंगे और बकाया कर पर ब्याज एवं अन्य देय शुल्क फिर से वसूले जाएंगे।

ऐसे में जिन करदाताओं पर संपत्ति कर का बकाया है, उनके लिए यह योजना बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपने पुराने बकायों का निपटारा करने का सुनहरा अवसर मानी जा रही है।

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