कुर्सी के इंतजार में थमी ट्रेन की रफ्तार, गोरखपुर में 69 मिनट अटकी वैशाली एक्सप्रेस

Indian Railway: गोरखपुर जंक्शन पर गार्ड कोच में ट्रेन मैनेजर को निर्धारित कुर्सी नहीं मिली, अधिकारियों को दी गई सूचना; व्यवस्था होने तक खड़ी रही वैशाली एक्सप्रेस, यात्रियों को हुई परेशानी

Gorakhpur: रेलवे में ट्रेन लेट होने की वजह आमतौर पर सिग्नल, ट्रैक, तकनीकी खराबी या मौसम को माना जाता है। लेकिन गोरखपुर में वैशाली एक्सप्रेस के साथ ट्रेन लेट होने की वजह कुछ ऐसी सामने आई, जिसने यात्रियों को हैरान कर दिया। यहां एक कुर्सी की कमी के चलते सुपरफास्ट ट्रेन को करीब 1 घंटे 9 मिनट तक रोकना पड़ा।

गोरखपुर जंक्शन पर हुआ मामला
दरअसल, नई दिल्ली से ललितग्राम जा रही वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर जंक्शन पहुंची थी। यहां ट्रेन की जिम्मेदारी संभालने वाले ट्रेन मैनेजर ने गार्ड कोच का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्हें बैठने के लिए निर्धारित कुर्सी वहां नहीं मिली।

ट्रेन मैनेजर ने इसकी जानकारी तत्काल स्टेशन अधिकारियों को दी। इसके बाद मामला केवल एक कुर्सी की कमी तक सीमित नहीं रहा और ट्रेन के संचालन को लेकर आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई।

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निर्धारित कुर्सी नहीं मिलने से रुकी ट्रेन
गार्ड कोच में ट्रेन मैनेजर के बैठने के लिए निर्धारित कुर्सी का होना जरूरी माना गया। कुर्सी उपलब्ध नहीं होने के कारण ट्रेन मैनेजर ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी और जब तक व्यवस्था पूरी नहीं हुई, ट्रेन को आगे रवाना नहीं किया गया।

इस वजह से वैशाली एक्सप्रेस गोरखपुर जंक्शन पर काफी देर तक खड़ी रही। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन करीब 1 घंटे 9 मिनट की देरी से रवाना हुई।

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यात्रियों को हुई परेशानी
ट्रेन के लंबे समय तक स्टेशन पर खड़े रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आमतौर पर यात्री ट्रेन की देरी के पीछे किसी बड़ी तकनीकी समस्या या सिग्नल फेल होने जैसी वजह की उम्मीद करते हैं, लेकिन इस मामले में एक निर्धारित कुर्सी की उपलब्धता ट्रेन संचालन में बाधा बन गई।

यह मामला सामने आने के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और ट्रेन संचालन में छोटी से छोटी व्यवस्था की अहमियत को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, रेलवे की ओर से इस मामले में विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है।

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