
Delhi में फर्जी CBI छापेमारी का खेल, पुलिस ने सात आरोपियों को दबोचा…
Delhi Fake CBI Raid: फर्जी CBI पहचान पत्र और नोटिस दिखाकर घर में घुसने की कोशिश, मोबाइल से CBI-ED अधिकारी बनकर रेड करने के वीडियो बरामद; पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की कड़ियां
Delhi: दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में खुद को CBI अधिकारी बताकर एक परिवार के घर पर फर्जी रेड डालने पहुंचे गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। प्रशांत विहार थाना पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से आठ मोबाइल फोन, CBI का मोनोग्राम लगे कपड़े और फर्जी सरकारी पहचान पत्रों से जुड़ी तस्वीरें व वीडियो बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें कुछ लोग CBI, ED और अन्य सरकारी जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर अलग-अलग जगहों पर रेड करते नजर आ रहे हैं। पुलिस अब इन वीडियो के आधार पर गिरोह के दूसरे मामलों और इसके पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
रात में घर पहुंचा था फर्जी CBI का दल
मामला 11 अगस्त की रात करीब 10 बजे का है। प्रशांत विहार निवासी प्रथम अग्रवाल अपनी मां के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान करीब आठ लोग उनके घर के बाहर पहुंचे। इनमें छह पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और कहा कि वे घर पर छापेमारी करने आए हैं।
आरोपियों ने परिवार को कथित CBI पहचान पत्र भी दिखाए और घर में दाखिल होने की कोशिश की। जब प्रथम अग्रवाल और उनकी मां ने उनसे सर्च वारंट या रेड की अनुमति से संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
करीब डेढ़ घंटे तक आरोपी घर के बाहर मौजूद रहे। इससे परिवार में डर का माहौल बन गया। इसी दौरान पड़ोसियों ने हस्तक्षेप किया तो आरोपियों ने दावा किया कि प्रथम अग्रवाल के पिता के नाम एक नोटिस जारी हुआ है। उन्होंने कहा कि नोटिस उनकी गाड़ी में रखा है और वे उसे लेने जा रहे हैं। इसके बाद आरोपी वहां से चले गए।
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फर्जी नोटिस ने खोला राज
आरोपियों के जाने के बाद परिवार को शक हुआ और उन्होंने तुरंत 112 पर पुलिस को सूचना दी। इस दौरान शिकायतकर्ता के पिता के मोबाइल फोन पर कथित CBI नोटिस भी भेजा गया था। बाद में मूल मैसेज डिलीट कर दिया गया, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिया।
पुलिस ने नोटिस की जांच की तो उसके फर्जी होने की आशंका सामने आई। इसके बाद मामले की जांच तेज कर दी गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर 19 अगस्त को प्रशांत विहार थाने में FIR दर्ज की गई।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 351(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया। जांच टीम ने मौके की CCTV फुटेज, मोबाइल फोन से मिले इलेक्ट्रॉनिक सबूत, फर्जी CBI नोटिस और अन्य दस्तावेजों को खंगाला।
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मोबाइल वीडियो से सामने आया बड़ा नेटवर्क
तकनीकी निगरानी और लगातार जांच के बाद पुलिस ने फर्जी रेड में शामिल आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले वीडियो ने पुलिस की जांच को नया मोड़ दिया है। इन वीडियो में कथित तौर पर आरोपी या उनके साथी CBI, ED और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारी बनकर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी करते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले कितने लोगों को निशाना बनाया है और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। बरामद मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
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