
BSA का बड़ा फैसला, सरकारी स्कूलों को बदनाम करने वालों पर होगी FIR
UP News: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों की छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रयागराज जिले में अब बिना तथ्यों की जांच किए सरकारी स्कूलों की कमियां दिखाने या भ्रामक खबरें फैलाकर विभाग को बदनाम करने वाले लोगों पर आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज कराया जाएगा।
इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) प्रवीण कुमार तिवारी ने जिलाधिकारी (DM) को विस्तृत रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भ्रामक प्रचार पर लगेगी रोक
बीएसए कार्यालय के संज्ञान में आया है कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ, व्यूज पाने या विभाग की साख खराब करने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों के पुराने, आधे-अधूरे या झूठे वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भ्रामक दावे किए जा रहे हैं।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी स्कूल में वास्तव में कोई समस्या है, तो उसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की जानी चाहिए। बिना जांच-पड़ताल के सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने से न केवल विभाग की छवि धूमिल होती है, बल्कि नामांकित बच्चों और उनके अभिभावकों के मन में भी गलत संदेश जाता है।
साइबर सेल की मदद से होगी जेल
विभाग ने ऐसे तत्वों को चिन्हित करने के लिए पुलिस और साइबर सेल की मदद लेने का निर्णय लिया है। जो लोग बिना किसी साक्ष्य के बेसिक शिक्षा विभाग और परिषदीय विद्यालयों के खिलाफ सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर झूठी खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कराया जाएगा।
इसके साथ ही, सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे मामलों पर पैनी नजर रखें और तुरंत रिपोर्ट सौंपें।





