
‘अपराधियों को सत्ता का संरक्षण’, गोंडा हत्याकांड पर सपा ने योगी सरकार को घेरा…
UP News: उत्तर प्रदेश के गोंडा में निषाद समुदाय से जुड़े विनोद साहनी की हत्या का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। इस हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार अत्याचार हो रहे हैं और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है।
मीडिया से से बातचीत में आशुतोष वर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार प्रदेश में कथित तौर पर टारगेटेड हत्याओं का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने गोंडा में विनोद साहनी की हत्या को भी इसी संदर्भ में जोड़ते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए।
विनोद साहनी हत्याकांड का किया जिक्र
सपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि विनोद साहनी ने सरकार के खिलाफ कुछ लिखा था और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आशुतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिस की ओर से मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाओं में प्रशासन की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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मंत्री संजय निषाद के प्रदर्शन पर भी उठाए सवाल
सपा प्रवक्ता ने गोंडा मामले में राज्य सरकार के मंत्री संजय निषाद के विरोध-प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में शामिल किसी मंत्री को अपने समाज के व्यक्ति के लिए न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है, तो यह शासन-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वर्मा ने कहा कि सरकार के मंत्री के स्तर से विरोध दर्ज कराया जाना बताता है कि स्थानीय स्तर पर पीड़ित पक्ष की शिकायतों और न्याय की मांग को लेकर कितनी गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।
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कानून-व्यवस्था को लेकर सपा का सरकार पर हमला
समाजवादी पार्टी ने गोंडा हत्याकांड को आधार बनाकर एक बार फिर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के खिलाफ होने वाली घटनाओं में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
वहीं, गोंडा हत्याकांड को लेकर सियासी बयानबाजी के बीच अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की दिशा पर भी नजर रहेगी। मामले में सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की तस्वीर साफ होगी।
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