बर्तन में गंगाजल भरकर किया काली मिट्टी से निर्मित गणेश मूर्ति का विसर्जन…

Lucknow Ganesh Utsav: गोमती की गंदगी को देखते हुए शुभ संस्कार समिति ने लिया फैसला, रानी कटरा के संकटा देवी मंदिर में काली मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का गंगाजल से किया विसर्जन

Lucknow: गोमती नदी की गंदगी को देखते हुए शुभ संस्कार समिति ने इस बार गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर एक अलग पहल की। रानी कटरा स्थित संकटा देवी मंदिर में आयोजित 27वें गणेश जन्मोत्सव समारोह के समापन पर काली मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं का मंदिर परिसर में ही गंगाजल से विसर्जन किया गया। समिति ने गोमती नदी में प्रतिमा विसर्जन न करने का फैसला लिया।

संकटा देवी मंदिर में हुआ 27वां गणेश जन्मोत्सव
शुभ संस्कार समिति की ओर से संकटा देवी मंदिर, रानी कटरा में 27वें गणेश जन्मोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों और हवन के बाद भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत पांडे, महामंत्री रिद्धि किशोर गौड़, उपाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, रामबाबू त्रिवेदी, अतुल गुप्ता और जितेंद्र शर्मा समेत अन्य सदस्यों ने पीतल की बड़ी गणेश प्रतिमा को मंदिर परिसर में भ्रमण कराया। इसके बाद प्रतिमा को स्नान कराया गया और नवीन वस्त्र धारण कराकर मंदिर में विधिवत स्थापित किया गया।

काली मिट्टी की प्रतिमाओं का गंगाजल से विसर्जन
समारोह में काली मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन मंदिर परिसर में ही किया गया। इसके लिए स्टील के बड़े बर्तनों में गंगाजल भरा गया और श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया।

समिति की ओर से बताया गया कि गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद भी धार्मिक परंपरा को कायम रखा गया और मंदिर में भगवान गणेश की नित्य पूजा-अर्चना की गई।

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गोमती नदी की गंदगी बनी वजह
समिति ने इस बार गणेश प्रतिमा को लेकर गोमती नदी तक भ्रमण न करने का फैसला किया। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, गोमती नदी में फैली गंदगी को देखते हुए प्रतिमा विसर्जन के लिए नदी में जाने के बजाय मंदिर परिसर में ही गंगाजल से विसर्जन करने का निर्णय लिया गया।

समिति की इस पहल में धार्मिक आस्था के साथ नदी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देखने को मिला। काली मिट्टी की प्रतिमाओं का इस्तेमाल और मंदिर परिसर में विसर्जन करने से नदी में प्रतिमा विसर्जन से होने वाले संभावित प्रदूषण को कम करने का प्रयास किया गया।

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भक्तों को बांटा गया प्रसाद
गणेश जन्मोत्सव के समापन के बाद संकटा देवी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया। भक्तों के बीच पूरी, सब्जी, कढ़ी, चावल और बूंदी का प्रसाद वितरित किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की।

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