जिस घुटने में दर्द था, वो छोड़ दिया! लखनऊ में बुजुर्ग महिला की दूसरे पैर की सर्जरी का आरोप…

लखनऊ में एक बुजुर्ग महिला के परिजनों ने निजी नर्सिंग होम में घुटने की सर्जरी के दौरान कथित लापरवाही का आरोप लगाया है। बेटे का कहना है कि जिस घुटने में परेशानी थी, उसकी जगह दूसरे पैर के घुटने की सर्जरी कर दी गई। परिजनों ने फॉर्मेलिटी के नाम पर प्लेन पेपर पर हस्ताक्षर कराने का भी आरोप लगाया है।

Lucknow: लखनऊ में एक निजी नर्सिंग होम में बुजुर्ग महिला की घुटने की सर्जरी को लेकर विवाद सामने आया है। महिला के बेटे ने आरोप लगाया है कि उनकी मां के जिस पैर के घुटने में समस्या थी, डॉक्टरों ने उसके बजाय दूसरे पैर के घुटने की सर्जरी कर दी। परिजनों के मुताबिक, इस घटना के बाद परिवार ने अस्पताल और डॉक्टर से जवाब मांगा है।

परिवार का कहना है कि बुजुर्ग महिला को कई दिनों से बाएं पैर के घुटने में परेशानी थी। दर्द और चलने-फिरने में दिक्कत के कारण वह रोजमर्रा के काम भी किसी तरह दाहिने पैर का सहारा लेकर करती थीं। डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद उन्हें घुटने की सर्जरी कराने की सलाह दी गई।

8 सितंबर को नर्सिंग होम में कराया गया भर्ती
महिला के बेटे के मुताबिक, 8 सितंबर को उनकी मां को एक निजी डॉक्टर के नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। परिवार का आरोप है कि सर्जरी से पहले अस्पताल की ओर से कुछ कागजी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं।

बेटे ने दावा किया कि फॉर्मेलिटी के नाम पर उनसे प्लेन पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए। परिवार के मुताबिक, उस समय उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि आगे चलकर किस प्रक्रिया और किस घुटने की सर्जरी की जाएगी।

सर्जरी के बाद सामने आया मामला
परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद उन्हें पता चला कि महिला के दाहिने पैर के घुटने पर ऑपरेशन किया गया है, जबकि परेशानी बाएं घुटने में थी। परिवार का कहना है कि जिस पैर के सहारे महिला चलती थीं, उसी पैर के घुटने की सर्जरी कर दी गई।

महिला के बेटे ने इसको लेकर डॉक्टर और नर्सिंग होम प्रशासन से सवाल किए। परिवार अब यह जानना चाहता है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की पहचान, मेडिकल रिकॉर्ड और सर्जरी किए जाने वाले अंग की पुष्टि की प्रक्रिया किस तरह की गई थी।

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परिवार ने लगाए गंभीर लापरवाही के आरोप
बुजुर्ग महिला के बेटे ने पूरे मामले में चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ऑपरेशन से पहले मरीज के मेडिकल रिकॉर्ड और संबंधित घुटने की दोबारा पुष्टि की जानी चाहिए थी।

हालांकि, इस मामले में डॉक्टर या नर्सिंग होम का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना भी जरूरी है।

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जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
गलत अंग या गलत साइड की सर्जरी का आरोप चिकित्सा क्षेत्र में गंभीर मामला माना जाता है। ऐसे मामलों में ऑपरेशन से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, डॉक्टर की सलाह, सहमति पत्र, प्री-ऑपरेटिव जांच, ऑपरेशन नोट और अन्य दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होती है।

यदि परिवार की शिकायत पर आधिकारिक जांच होती है, तो उसी के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि सर्जरी के दौरान वास्तव में क्या हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

फिलहाल परिवार ने मामले को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और पूरे प्रकरण की जांच तथा जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग की है।

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