‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में कोर्ट का फैसला, मुस्कान और साहिल दोषी करार

Meerut Blue Drum Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत का फैसला आ गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मर्चेंट नेवी कर्मचारी सौरभ राजपूत की बर्बरता से हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के जुर्म में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी तथा उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है।

कोर्ट में पेश किए गए ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।

13 महीने का लंबा ट्रायल 

अदालत में जुलाई 2025 से शुरू हुआ यह ट्रायल करीब 13 महीने तक चला। इस दौरान 126 से अधिक तारीखों की सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। मृतक सौरभ के भाई बबलू राजपूत और मां रेणू राजपूत ने अदालत के सामने दोनों के अवैध संबंधों तथा हत्या की साजिश को लेकर मजबूती से गवाही दी। सुरक्षा कारणों के चलते आरोपियों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया था।

क्या था ‘नीला ड्रम’ मर्डर केस?

यह दिल दहला देने वाली वारदात मार्च 2025 में सामने आई थी। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की निर्दयता से हत्या कर दी थी। इसके बाद साजिश के तहत शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें प्लास्टिक के एक बड़े नीले ड्रम में डालकर ऊपर से सीमेंट व रेत भरकर सील कर दिया गया, ताकि बदबू बाहर न आ सके और किसी को शक न हो।

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वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश फरार हो गए थे। जब परिजनों को सौरभ से संपर्क न होने पर शक हुआ तो मामले की शिकायत पुलिस से की गई। 18 मार्च 2025 को पुलिस ने जब घर में रखे संदिग्ध नीले ड्रम को कटवाया तो अंदर का नजारा देखकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए। पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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पीड़ित परिवार ने उठाई फांसी की मांग

कोर्ट द्वारा मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराए जाने के बाद अब सजा की मात्रा पर फैसला होना बाकी है। अभियोजन पक्ष और सौरभ के परिजनों ने दोनों दोषियों के लिए फांसी यानी मृत्युदंड की मांग की है। मृतक के बड़े भाई राहुल राजपूत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस हैवानियत से उनके भाई को मौत के घाट उतारा गया, उसके लिए केवल फांसी की सजा ही न्याय संगत होगी।

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