
UP News: मुसहर महिला को प्रसव से इनकार पर डॉक्टर बर्खास्त, CMS पर भी गाज
UP News: उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाले मामले में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। मुसहर समुदाय की एक गर्भवती महिला को इलाज न देकर रेफर करने और सड़क किनारे प्रसव के लिए मजबूर करने के मामले में जांच के बाद इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया गया है।
इसके साथ ही स्टाफ नर्स का तबादला कर दिया गया है और अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) व महिला चिकित्सक पर दंडात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
क्या है पूरा मामला?
भदोही के जोरई गांव की रहने वाली 20 वर्षीय प्रसूता रानी (वनवासी समुदाय) प्रसव पीड़ा होने पर अपने परिजनों के साथ ज्ञानपुर स्थित जिला अस्पताल पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि हीमोग्लोबिन/खून की कमी का हवाला देकर और जातिगत टिप्पणी करते हुए अस्पताल स्टाफ ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया और बीएचयू/मिर्जापुर के लिए रेफर कर दिया।
अस्पताल से वापस घर लौटते समय महिला की पीड़ा बढ़ गई और अस्पताल गेट के बाहर ही सड़क किनारे अन्य महिलाओं ने चादर की ओट बनाकर उसका प्रसव कराया। घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. एस. के. चक ने हस्तक्षेप कर जच्चा-बच्चा को दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया और पूरे मामले की चार सदस्यीय जांच टीम गठित की थी।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई
चार सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर इमरजेंसी ड्यूटी में तैनात डॉ. पंकज कुमार की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। मामले में दोषी पाई गईं स्टाफ नर्स नीलम मौर्या को जिला अस्पताल से हटाकर सीएचसी औराई से संबद्ध कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, सीएमएस डॉ. ए. के. तिवारी और महिला चिकित्सक डॉ. नीलिमा धवन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को सिफारिश भेजी गई है। वहीं, फोन पर स्थिति जानकर मरीज को रेफर करने का निर्देश देने वाले स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश प्रजापति का सितंबर महीने का वेतन रोक दिया गया है।
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जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि भविष्य में यदि कोई भी मरीज बिना उचित चिकित्सीय उपचार के किसी सरकारी अस्पताल के चैंबर से लौटाया गया, तो संबंधित डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी को तत्काल निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
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