
Max-Medanta समेत कई अस्पताल जांच के घेरे में, दवाओं के MRP पर बड़ा खेल; FSDA की रेड…
UP FSDA Raid: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मरीजों से हो रही भारी-भरकम लूट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने प्रदेश के 16 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए कई नामी-गिरामी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल शॉप्स के दस्तावेजों की जांच की।
इस औचक निरीक्षण में जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने चिकित्सा जगत और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है। जांच में पता चला है कि अस्पताल परिसरों में चल रहे मेडिकल स्टोर मरीजों और उनके तीमारदारों की मजबूरी का फायदा उठाकर दवाओं पर 50 से 60 गुना तक मुनाफा कमा रहे हैं।
खरीद और MRP में आसमान-जमीन का अंतर
FSDA की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पतालों की मेडिकल दुकानों पर बेची जाने वाली जीवनरक्षक दवाओं के खरीद मूल्य (Purchase Price) और उन पर छपी अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में हैरान कर देने वाला अंतर मिला है।
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पॉलीमाइक्सिन-बी इंजेक्शन: इस गंभीर इंजेक्शन की खरीद मात्र 74.09 रुपये थी, लेकिन मरीजों को इसकी एमआरपी 4,980 रुपये वसूलकर बेची जा रही थी।
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लिवर की गंभीर बीमारी का इंजेक्शन: जिस इंजेक्शन की खरीद मात्र 56 रुपये थी, उसकी एमआरपी 3,050 रुपये पाई गई।
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कास्पोफंगिन 70 MG (फंगल इंफेक्शन): फंगल इन्फेक्शन के इलाज में काम आने वाले इस अहम इंजेक्शन को महज 800 रुपये में खरीदा गया था, जबकि इस पर 21,230 रुपये की भारी-भरकम एमआरपी प्रिंट करवाकर मरीजों की जेब पर डाका डाला जा रहा था।
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मैक्स-मेदांता जैसे बड़े नाम भी शामिल
जांच के दौरान लखनऊ के टेंडर पाम्स, टीएस मेडिकल कॉलेज, जिवांती हॉस्पिटल (रायबरेली रोड), फोर्टिस हॉस्पिटल (नोएडा), सर्वोदय हॉस्पिटल (नोएडा), क्लाउड नाइन (लखनऊ) और फेलिक्स हॉस्पिटल (नोएडा) समेत कई अस्पतालों की फार्मेसियों में अनियमितताएं सामने आईं। जांच के बाद संबंधित अस्पतालों की फार्मेसियों, आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।
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- अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कानपुर रोड
- मेदांता लखनऊ
- शेखर हॉस्पिटल, इंदिरा नगर
- मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, विराज खंड
- ग्लोब हॉस्पिटल, निराला नगर/राजाजीपुरम
- रीजेंसी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, खुर्रम नगर
- डॉ. के.एन.एस. मेमोरियल हॉस्पिटल
- तलवार स्किन इंस्टिट्यूट, इंदिरा नगर
- अवध हॉस्पिटल एंड हार्ट सेंटर, आलमबाग
- विवेकानंद हॉस्पिटल, निराला नगर
- चरक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, दुबग्गा
- मिडलैन्ड हॉस्पिटल, महानगर
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने लखनऊ के 12 बड़े निजी अस्पतालों में औचक छापेमारी कर दवाओं के स्टॉक, बिलिंग और भारी मुनाफ़ाखोरी के खेल का भंडाफोड़ किया है।
गंभीर अनियमितताओं पर एक अस्पताल की फार्मेसी बंद कराई गई, दवा भंडारण सील हुआ और 38 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
ज़्यादा जानकारी के लिए देखें……
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— UPFSDA (@UPFSDA) October 3, 2026
इन अस्पतालों की फार्मेसियों से 38 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
सोशल मीडिया और आम जनता के बीच इस बात को लेकर भारी रोष है कि गरीब और लाचार मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले इन बड़े अस्पतालों पर विभाग द्वारा कोई कड़ी या दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
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