
महिला पत्रकार से बदसलूकी के आरोपी ACP विवेक भगत का प्रमोशन रुका
Delhi ACP Vivek Bhagat: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। जंतर-मंतर के पास हाल ही में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के मामलों से घिरे सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बढ़ते विवाद और गंभीर आरोपों के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी (Addl. DCP) के पद का मिलने वाला करंट ड्यूटी चार्ज (CDC) फिलहाल रोक दिया है।
खुद की इच्छा से चार्ज न लेने का किया अनुरोध
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सरकार के होम डिपार्टमेंट ने पहले एक routine आदेश जारी कर 12 DANIPS अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी के पद का करंट ड्यूटी चार्ज सौंपा था, जिसमें एसीपी विवेक भगत का नाम भी शामिल था। हालांकि, यह प्रशासनिक प्रस्ताव काफी पहले शुरू किया गया था, लेकिन हालिया विवाद सामने आने के बाद सरकार और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई थी।
विवाद बढ़ने पर एसीपी विवेक भगत ने खुद स्वेच्छा से यह आग्रह किया कि जब तक महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पूरी जांच नहीं हो जाती और वह संतोषजनक रूप से निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती, तब तक वह एडिशनल डीसीपी का यह नया चार्ज नहीं संभालेंगे। उनके इसी अनुरोध का संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार ने अपने पिछले आदेश में संशोधन करने का फैसला किया।
क्राइम ब्रांच कर रही है मामले की जांच
दिल्ली सरकार द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, अब विवेक भगत फिलहाल एसीपी (ACP) के पद पर ही बने रहेंगे और जांच पूरी होने तक उन्हें एडिशनल डीसीपी का चार्ज नहीं दिया जाएगा। सूची में शामिल अन्य 11 अधिकारियों को यह प्रभार सौंपा गया है।
गौरलतब है कि कुछ दिनों पहले जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में एसीपी विवेक भगत पर भी एक महिला पत्रकार द्वारा बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे। इस गंभीर प्रकरण की शुरुआती शिकायतों को आगे की निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है, जो मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।





