
गोमतीनगर में गूंजी प्रभु श्रीराम की कथा, डॉ. चंद्रांशु जी महाराज ने दी आत्मबोध की शिक्षा
Shri Ram Katha: लखनऊ के गोमतीनगर के विपुलखंड 6 स्थित प्रांगण में इन दिनों आध्यात्मिक और भक्तिमय बहार छाई हुई है। श्री वेदांतीकुलम गुरुकुल एवं हिन्दू मेला आवाहन मंच के तत्वावधान में आयोजित दिव्य श्रीराम कथा के तृतीय दिवस पर वातावरण पूरी तरह प्रभु श्रीराम की भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो उठा।
अयोध्या धाम से पधारे प्रख्यात कथा व्यास डॉ. चंद्रांशु जी महाराज ने अपने पावन श्रीमुख से भगवान श्रीराम के दिव्य जन्म का मनोहारी प्रसंग सुनाते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा, पात्रता और आत्मबोध का गहन संदेश दिया।
प्रेम और धर्म की स्थापना का प्रतीक
महाराज श्री ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग को केवल एक धार्मिक आख्यान के रूप में नहीं, बल्कि मानव जीवन को पूरी तरह रूपांतरित करने वाले आध्यात्मिक सत्य के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने माता कौशल्या और महाराज दशरथ के चरित्र का वर्णन करते हुए समझाया कि जब मनुष्य का जीवन श्रद्धा, समर्पण, पवित्रता और धर्ममय आचरण से परिपूर्ण होता है, तब वह प्रभु की कृपा का सहज पात्र बनता है। भगवान का अवतरण केवल एक दिव्य घटना नहीं है, बल्कि यह हर भक्त के हृदय में प्रेम, विश्वास और धर्म की स्थापना का जीवंत प्रतीक है।
कथा के दौरान इस भाव ने विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया कि महाराज दशरथ और माता कौशल्या के चरित्र हमें अपने भीतर झाँकने का बड़ा अवसर देते हैं। हमारे जीवन में आखिर ऐसी कौन-सी पात्रता, कैसी भक्ति और कैसा समर्पण होना चाहिए कि प्रभु हमारे हृदय में बालरूप में विराजमान हो सकें? यही आत्ममंथन श्रीराम कथा का वास्तविक और मूल उद्देश्य है।
कथा पंडाल में गूंजे भजनों के सुर
डॉ. चंद्रांशु जी महाराज की भावपूर्ण एवं ओजस्वी वाणी से कथा पंडाल में भक्ति की एक अनुपम अनुभूति देखने को मिली। प्रभु श्रीराम के जन्म के मंगलमय प्रसंग (जन्मोत्सव) ने वहाँ उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। ऐसा प्रतीत हुआ मानो संपूर्ण गोमतीनगर क्षेत्र राममय हो उठा हो और हर हृदय में प्रभु के आगमन का भव्य उत्सव मनाया जा रहा हो। कथा के अंत में महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया।
प्रभु श्रीराम के विवाह का प्रसंग
आयोजकों ने जानकारी दी कि श्रीराम कथा के आगामी चतुर्थ दिवस पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के विवाह का अत्यंत पावन और भव्य प्रसंग सुनाया जाएगा। यह प्रसंग समाज को मर्यादा, प्रेम, आदर्श दांपत्य जीवन और पारिवारिक संस्कारों की दिव्य प्रेरणा प्रदान करता है। आयोजक मंडल ने समस्त श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं नगरवासियों से सपरिवार कथा में सम्मिलित होकर प्रभु श्रीराम की असीम कृपा प्राप्त करने की अपील की है।





