बंदर और पागल कहकर लोग देते थे ताना, अब पैरालंपिक में मेडल जीतकर रचा इतिहास

Asian Para Games 2026: जापान के आइची-नागोया में चल रहे 2026 एशियन पैरा गेम्स (Asian Para Games 2026) में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत की स्टार पैरा-एथलीट दीप्ति जीवांजी (Deepthi Jeevanji) ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है।

दीप्ति ने मंगलवार (20 अक्टूबर) को महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में शानदार दौड़ लगाते हुए गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) अपने नाम कर लिया है। सबसे खास बात यह है कि उन्होंने इस इवेंट में न सिर्फ पहला स्थान हासिल किया, बल्कि एक नया गेम्स रिकॉर्ड भी कायम किया है।

बनाया नया गेम्स रिकॉर्ड

23 वर्षीय धाविका दीप्ति जीवांजी ने 400 मीटर की इस रेस को महज 56.36 सेकंड में पूरा करके नया एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले हीट (Heats) में भी उन्होंने 57.57 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड कायम किया था, जिसे उन्होंने फाइनल में और बेहतर कर दिया।

दीप्ति जीवांजी का एशियन पैरा गेम्स में यह लगातार दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले उन्होंने 2022/2023 एशियाई पैरा खेलों में भी 400 मीटर T20 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ ही भारत की झोली में इस टूर्नामेंट का एक और महत्वपूर्ण गोल्ड मेडल आ गया है।

कौन हैं दीप्ति जीवांजी? (Who is Deepthi Jeevanji?)

तेलंगाना के वारंगल के एक सुदूर गांव की रहने वाली दीप्ति जीवांजी की कहानी संघर्ष और जज्बे की एक मिसाल है। बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Impairment) के साथ पैदा हुईं दीप्ति को बचपन से ही समाज के तानों का सामना करना पड़ा था। उनके माता-पिता एक छोटे किसान हैं, लेकिन उन्होंने गांव वालों की बातों को अनसुना कर अपनी बेटी के सपनों का पूरा समर्थन किया।

दीप्ति के टैलेंट को सबसे पहले एक स्कूल के पीटी (Physical Education) टीचर ने पहचाना था। बाद में उन्हें मशहूर बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) का भी सपोर्ट मिला, जिन्होंने उनके प्रशिक्षण में मदद की।

दीप्ति ने अपनी मेहनत से न सिर्फ उन लोगों को गलत साबित किया है जो उनके माता-पिता को ताने मारते थे, बल्कि आज वह पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा बन चुकी हैं।

मनीष नरवाल ने सिल्वर जीता

भारतीय शूटर मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 कैटेगरी का सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 8 खिलाड़ियों के फाइनल में 233.7 अंक बनाए।

प्रदीप को सिल्वर, आयुष ने जीता ब्रॉन्ज

पुरुषों के जैवलिन थ्रो F53/54 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते। प्रदीप कुमार ने लगातार दूसरी बार सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने F54 कैटेगरी में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो किया।

आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर के थ्रो के बावजूद ब्रॉन्ज मेडल जीता। उन्हें रजा पॉइंट्स के आधार पर पोडियम में जगह मिली।ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता।

पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक ने सिल्वर जीता

पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक ने पुरुषों के 65 किग्रा तक वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 192 किग्रा वजन उठाया। चीन के झोउ यी ने 216 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड जीता, जबकि भारत के मार्गोनो 177 किग्रा वजन के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतने में सफल रहे।

टेबल टेनिस में 4 ब्रॉन्ज मेडल आए

भारतीय पैडर्स ने पैरा टेबल टेनिस में चार ब्रॉन्ज जीते। रवि बेबी साहना और प्राची पांडे एशियन पैरा गेम्स की स्टैंडिंग कैटेगरी में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बने। भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल ने भी ब्रॉन्ज मेडल जीते।

सभी चारों खिलाड़ी अपने-अपने महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में पैरालिंपिक मेडल विजेताओं से हार गईं। इन मेडल्स के साथ भारत ने पिछले एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। पिछले संस्करण में भारत ने पैरा टेबल टेनिस में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे।

Back to top button