मऊ में दारोगा का कथित आपत्तिजनक ऑडियो वायरल, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

Viral News: मऊ में दारोगा के कथित अश्लील ऑडियो से मचा हड़कंप, मामला सामने आने के बाद लाइन हाजिर किए गए ओम प्रकाश सिंह

Mau News: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में तैनात दारोगा ओम प्रकाश सिंह का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। करीब 13 मिनट के इस ऑडियो में महिला से बातचीत के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक बातें कहे जाने का दावा किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद दारोगा को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है।

13 मिनट के कथित ऑडियो से मचा विवाद
वायरल ऑडियो को लेकर किए जा रहे दावों के मुताबिक, बातचीत में दारोगा एक महिला से मुकदमा दर्ज कराने और आरोपी को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में उलझाए रखने जैसी बातें करते सुनाई देते हैं। ऑडियो में महिला से वीडियो कॉल करने और अपनी तैनाती का जिक्र किए जाने का दावा भी किया जा रहा है।

हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि और बातचीत के पूरे संदर्भ की जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में ऑडियो में सुनाई देने वाली बातों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकता है।

मधुबन क्षेत्र की चौकी से जुड़ा बताया जा रहा मामला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओम प्रकाश सिंह की तैनाती मऊ जिले के मधुबन थाना क्षेत्र की दुआरी चौकी के प्रभारी के रूप में बताई जा रही है। कथित ऑडियो में वह अपनी चौकी पर तैनाती का जिक्र करते हुए महिला से मिलने आने की बात कहते सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।

इस बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिसकर्मियों के आचरण और पद के कथित दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा हो रही है।

यह भी पढ़ें…

ISKCON मंदिर में ‘गीता रसामृतम-2’ का आयोजन, भक्ति और ज्ञान का अनूठा संगम

दारोगा को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी
मामले में दारोगा ओम प्रकाश सिंह को लाइन हाजिर किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में विभागीय जांच के निष्कर्ष, आधिकारिक बयान या आगे की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

यह भी पढ़ें…

योगी सरकार 26 अक्टूबर को मनाएगी वाल्मीकि जयंती, प्रदेशभर में होंगे धार्मिक कार्यक्रम

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरे मामले की सच्चाई
पुलिसकर्मी से जुड़ा यह मामला कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद चर्चा में है। अब मामले की सच्चाई, बातचीत के संदर्भ और किसी संभावित विभागीय कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यह भी पढ़ें…

मतदान के बीच चुनाव पर्यवेक्षक IAS अभय सिंह की शिकायत, निष्पक्षता पर उठाए सवाल…

Back to top button