
‘झारखंड हो या जंतर-मंतर…’, छात्र आंदोलन पर अभिजीत दीपके का सरकार पर निशाना
Abhijeet Dipke: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार पर सवाल उठाए हैं.
Jharkhand Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि झारखंड में छात्रों के साथ हुई कार्रवाई उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की याद दिलाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों की आवाज सुनने और उनकी समस्याओं पर बातचीत करने के बजाय बार-बार पुलिस बल का सहारा क्यों लिया जाता है।
‘जंतर-मंतर जैसा ही झारखंड में हुआ’
अभिजीत दीपके ने कहा कि जिस तरह दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की गई थी, उसी तरह झारखंड में भी आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ी हैं और ऐसे मामलों में सरकार को प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए। उनके मुताबिक, छात्रों की शिकायतें सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
CJP ने छात्र आंदोलन को समर्थन देने की बात कही
अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी CJP झारखंड के छात्र आंदोलन के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम मौके पर मौजूद रहकर आंदोलन कर रहे छात्रों को हरसंभव मदद उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता युवाओं के भविष्य से सीधे जुड़ा मुद्दा है।
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‘बातचीत से निकले समाधान’
दीपके ने कहा कि किसी भी छात्र आंदोलन का समाधान पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि झारखंड हो या दिल्ली का जंतर-मंतर, छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की स्थिति बार-बार क्यों पैदा होती है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों की मांगों पर बातचीत की जाए और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया जाए।
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भर्ती परीक्षाओं को लेकर बढ़ी नाराजगी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों ने छात्रों के बीच नाराजगी बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वहीं, पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। अभिजीत दीपके का बयान इसी कड़ी में आया है, जिसमें उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में खड़े होने और सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
फिलहाल झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत होती है या आंदोलन और तेज होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
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