
Gold-Silver Crash: सोना-चांदी में आई महा-गिरावट, इन कारणों से लगा तगड़ा झटका
Gold-Silver Crash: सिर्फ एक दिन में ही सोना-चांदी के दाम क्रैश हो गए। गुरुवार को अपने हाई पर पहुंचने के बाद इस लेवल से चांदी जहां 1.28 लाख रुपये सस्ती हुई, तो वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना भी अपने हाई लेवल से अधिक सस्ता।
Gold-Silver Crash: सोना और चांदी (Silver jewellery rates) की कीमतों में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद दोनों कीमती धातुएं एक ही कारोबारी (Gold-Silver Price) दिन में बुरी तरह फिसल गईं। जहां चांदी की कीमत (Silver Price Today in India) में एक झटके में ₹1 लाख प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोना भी ₹33,000 प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया। एक्सपर्ट पहले से ही ऐतिहासिक लेवल पर पहुंचे कीमती धातुओं के दाम में बड़ी गिरावट का अनुमान जता रहे थे ।
एक दिन में ₹1.07 लाख की टूट
विशेषज्ञों के अनुमान आखिरकार सही साबित हुए और चांदी का बुलबुला फूट गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गुरुवार को चांदी ने तूफानी तेजी के साथ नया इतिहास रचते हुए ₹4 लाख प्रति किलो का स्तर पार किया था।
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गुरुवार को चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के ऑल-टाइम हाई तक पहुंची
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कारोबार बंद होने पर भाव ₹3,99,893 प्रति किलो रहा
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शुक्रवार को 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी ₹2,91,922 प्रति किलो पर आ गई
यानी महज एक दिन में ₹1,07,971 प्रति किलो की गिरावट, जबकि हाई लेवल से देखें तो चांदी ₹1.28 लाख से ज्यादा टूट गई।
Silver के साथ Gold भी धड़ाम, ₹42 हजार तक टूटा
चांदी ही नहीं, बल्कि सोने की कीमतों में भी जबरदस्त गिरावट देखने को मिली।
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गुरुवार को MCX पर सोना ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम के लाइफटाइम हाई पर था
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शुक्रवार को भाव गिरकर ₹1,50,849 प्रति 10 ग्राम रह गया
इसका मतलब है कि हाई लेवल से सोना ₹42,247 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया, जबकि एक कारोबारी दिन में ही इसमें ₹33,113 की गिरावट दर्ज की गई।
आखिर क्यों आई सोना-चांदी में इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस भारी गिरावट के पीछे एक नहीं बल्कि कई बड़े कारण हैं
1. मुनाफावसूली (Profit Booking)
ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ा।
2. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से गोल्ड-सिल्वर विदेशी निवेशकों के लिए महंगे हो गए, जिससे डिमांड घटी और कीमतों पर दबाव आया।
3. US Treasury Yield में उछाल
अमेरिका के बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों को सुरक्षित बॉन्ड में बेहतर रिटर्न दिखा और पैसा सोना-चांदी से बाहर निकलने लगा।
4. ETF में भी बिकवाली
इस गिरावट का असर Gold और Silver ETF पर भी साफ नजर आया, जहां भारी बिकवाली देखी गई।
5. ग्लोबल टेंशन में नरमी
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों से वैश्विक तनाव कम होने और US Fed में जेरोम पॉवेल की जगह केविन वार्श की संभावित एंट्री की खबरों ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करने की सलाह दी जा रही है।





