
लेखपालों की आर-पार की लड़ाई! अतिरिक्त हलकों का काम छोड़ा, अब 7 दिन करेंगे धरना
Aligarh: उत्तर प्रदेश में लेखपालों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज कर दिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत खैर तहसील के लेखपालों ने अतिरिक्त हलकों का बहिष्कार करते हुए उनके बस्ते जमा कर दिए हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन कामकाज का बहिष्कार शुरू कर दिया है और तहसील के आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप से भी बाहर हो गए हैं। लेखपालों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
एक लेखपाल पर 10 से 12 गांवों का जिम्मा
लेखपाल संघ के अध्यक्ष संजय तोमर ने बताया कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण लेखपालों में नाराजगी है। उनका कहना है कि एक लेखपाल को 10 से 12 गांवों का चार्ज संभालना पड़ रहा है। मूल क्षेत्र के अलावा अतिरिक्त हलकों का काम भी करना पड़ता है, जिससे काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
लेखपालों के मुताबिक, अतिरिक्त जिम्मेदारियों के कारण वे हमेशा काम में व्यस्त रहते हैं। इसी के विरोध में उन्होंने अतिरिक्त हलकों के बस्ते जमा कर दिए हैं और ऑनलाइन कामकाज का बहिष्कार भी शुरू कर दिया है।
मूल क्षेत्र का ऑनलाइन काम भी बंद
आंदोलन को तेज करते हुए लेखपालों ने अपने मूल क्षेत्र से जुड़े ऑनलाइन कार्यों का भी बहिष्कार शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक अतिरिक्त हलकों के काम का बहिष्कार जारी रहेगा।
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17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक होगा धरना-प्रदर्शन
लेखपाल संघ ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का कार्यक्रम बनाया है। इसके तहत विरोध प्रदर्शन और विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
- 10 अक्टूबर: काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर काम करेंगे।
- 12 अक्टूबर: रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
- 14 अक्टूबर: बाइक रैली निकालकर ज्ञापन सौंपेंगे।
- 17 से 23 अक्टूबर: तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
लेखपाल संघ का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने पर विरोध जारी रहेगा। अतिरिक्त हलकों की जिम्मेदारी और बढ़ते कार्यभार को लेकर लेखपालों ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अब 17 अक्टूबर से प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के जरिए वे अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करेंगे।
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