‘मोदी सरकार बैकफुट पर, और आक्रामक हों’, CWC में राहुल गांधी का बड़ा दावा

Congress CWC Meeting 2026: राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं से कहा- सरकार पर दबाव बनाए रखें, पार्टी की एकता सबसे बड़ी ताकत; CWC में युवाओं और सीमा सुरक्षा समेत कई अहम मुद्दों पर मंथन

Delhi: कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बुधवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में अहम बैठक हुई। करीब चार घंटे चली इस बैठक में कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और चार कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। कांग्रेस के मुताबिक, बैठक में कुल 88 नेता मौजूद रहे।

‘मोदी सरकार बैकफुट पर, हमला और तेज करें’
CWC बैठक में राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख और अधिक आक्रामक करने को कहा। सूत्रों के मुताबिक, राहुल ने कहा कि मोदी सरकार फिलहाल बैकफुट पर है और कांग्रेस को इस स्थिति का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए लगातार दबाव बनाए रखना चाहिए। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से सरकार के खिलाफ उठाए जा रहे मुद्दों को और मजबूती से जनता तक पहुंचाने की अपील की।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। सूत्रों के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि मोदी का राजनीतिक दौर अपने अंतिम चरण में है और उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है। यह टिप्पणी राहुल गांधी की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ किए जा रहे सबसे तीखे राजनीतिक हमलों में से एक मानी जा रही है।

‘कांग्रेस की ताकत उसकी एकता’
बैठक में राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन की एकता को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने नेताओं को एकजुट होकर सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने का संदेश दिया। राहुल ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) का उदाहरण देते हुए कथित तौर पर पार्टी के भीतर एकता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

उनका संदेश साफ था कि कांग्रेस को अपने संगठन और वैचारिक आधार को मजबूत रखते हुए केंद्र सरकार पर लगातार राजनीतिक दबाव बनाए रखना होगा। राहुल ने पार्टी नेताओं से आत्मविश्वास के साथ जनता के बीच जाने और कांग्रेस के मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने की बात कही।

छात्रों और पेपर लीक का मुद्दा भी अहम
CWC बैठक में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई। कांग्रेस ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला किया। पार्टी अब ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को देश के करीब 800 बड़े और छोटे शहरों तक ले जाने की तैयारी में है। इस अभियान में राहुल गांधी भी कई स्थानों पर छात्रों के बीच पहुंचेंगे।

कांग्रेस ने अपने चार मुख्यमंत्रियों से शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर एक महीने के भीतर ठोस योजना तैयार करने को भी कहा है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है और इसे गंभीरता से उठाने की जरूरत है।

राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे पर कांग्रेस का हमला
बैठक में अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट को मिले चंदे से जुड़े आरोपों और पारदर्शिता के सवाल को भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर देशभर में अभियान चलाने का फैसला किया है। पार्टी की योजना इसे राज्य स्तर से लेकर गांवों तक ले जाने की है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह मुद्दा लोगों की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है और इसलिए इसमें जवाबदेही तथा पारदर्शिता जरूरी है।

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चीन और सीमा सुरक्षा का मुद्दा
CWC में भारत-चीन सीमा की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। पार्टी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से स्पष्ट जानकारी देने और विपक्ष को विश्वास में लेने की मांग की।

महिला आरक्षण और परिसीमन पर भी रणनीति
बैठक में महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस ने अपनी रणनीति तय की। पार्टी ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की मांग का समर्थन किया और 543 लोकसभा सीटों के परिसीमन को फिलहाल रोकने की बात कही। कांग्रेस का कहना है कि परिसीमन के मुद्दे पर राज्यों के हितों और प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखना जरूरी है।

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संसद के बाद सड़क पर उतरने की तैयारी
कांग्रेस की CWC बैठक का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि पार्टी अब संसद के बाहर भी केंद्र सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज करने की तैयारी में है। पेपर लीक, युवाओं की बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था, राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस देशभर में आंदोलन और जनसंपर्क अभियान चलाएगी।

राहुल गांधी के ‘सरकार बैकफुट पर है’ वाले बयान और CWC में तय की गई रणनीति से संकेत है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में मोदी सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगी। वहीं, राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी के शासन के ‘आखिरी दौर’ में होने का दावा आने वाले समय में सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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