
‘SC के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं…’ CJI ने राहुल गांधी से न मिलने की बताई वजह
CJI Surya Kant: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत (Justice Surya Kant) ने I.N.D.I.A. गठबंधन के नेताओं के उस अनुरोध को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपने के लिए मुलाकात का समय मांगा था।
सीजेआई कार्यालय की ओर से विपक्षी नेताओं को ईमेल के जरिए एक विस्तृत और तर्कसंगत जवाब भेजकर स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के मामलों में प्रशासनिक मार्ग के बजाय उचित न्यायिक प्रक्रिया और याचिका के जरिए अदालत का रुख करना चाहिए।
मामला पहले से ही सब जुडिश (Sub Judice)
सूत्रों के अनुसार, सीजेआई की ओर से भेजे गए जवाब में कहा गया है कि विपक्षी नेताओं द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे पहले से ही अदालत में विचाराधीन (Sub Judice) हैं। सर्वोच्च न्यायालय के पास इस प्रकार प्रशासनिक स्तर पर किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से मिलने का प्रावधान या अधिकार नहीं है। अदालत का मुख्य दायित्व याचिकाओं पर सुनवाई कर निष्पक्ष निर्णय देना है।
सीजेआई ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे हर नागरिक के लिए चौबीसों घंटे खुले हैं और शीर्ष अदालत देश के प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विपक्ष का सुप्रीम कोर्ट मार्च
विपक्षी दलों के नेताओं, विशेषकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में I.N.D.I.A. गठबंधन के नेता चुनाव आयोग के खिलाफ कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर लगातार मुखर हैं। विपक्षी दलों ने अपनी मांगों और ज्ञापन को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने का ऐलान किया था।
इस राजनीतिक हलचल और विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है।
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