
UGC-NET विवाद के बाद NTA का तगड़ा एक्शन, 50 से ज्यादा कर्मचारी बाहर…
UGC NET Controversy: UGC-NET जून परीक्षा में गड़बड़ियों और पेपर दोबारा कराने के फैसलों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव शुरू हो गए हैं। शिक्षा मंत्रालय के कड़े रुख के बाद एजेंसी ने अब तक 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उच्च शिक्षा विभाग के सचिव और NTA के महानिदेशक के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
50 कर्मचारियों की छुट्टी
NTA के सिस्टम में यह बड़ा फेरबदल किया गया है। एजेंसी से अब तक 50 से अधिक स्टाफ सदस्यों को हटाया जा चुका है।एजेंसी की क्षमता बढ़ाने के लिए 10 नए पेशेवर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO), चीफ फाइनेंस ऑफिसर (CFO), चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO), जीएम (टेस्ट सिक्योरिटी) और जीएम (R&D) शामिल हैं। साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स, प्रश्नपत्र डिजाइनिंग और मॉडरेटर के रूप में डोमेन एक्सपर्ट्स को जोड़ा जा रहा है।
तीन विषयों में गलतियों के बाद री-एग्जाम
UGC-NET जून परीक्षा के दौरान कई विषयों के प्रश्नपत्रों में दोहराव, व्याकरण संबंधी त्रुटियां और गलत अनुवाद सामने आए थे। इसके बाद एजेंसी ने इंग्लिश (English), कॉमर्स (Commerce) और सोशियोलॉजी (Sociology) विषय के पेपर रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की।
ये री-एग्जाम 9 और 10 सितंबर 2026 को आयोजित होंगे। दोबारा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी और कट-ऑफ/सीट आवंटन पर इसका कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।
कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस में बदलाव
बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने एजेंसी के ‘कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस’ (CONOPS) ढांचे में युद्धस्तर पर बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। गोपनीय कार्यों के लिए बाहरी इंटरनेट नेटवर्क से पूरी तरह कटे (Air-gapped) कंप्यूटरों का उपयोग अनिवार्य किया जाएगा।
परीक्षा तैयार करने वाले कमरों में गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जमा कराने के नियम और कड़े होंगे। NTA को अपनी पूरी परीक्षा प्रक्रिया का ऑडिट कराकर शिक्षा मंत्रालय को सुधारात्मक कदमों की रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
छात्र संगठनों ने किया विरोध
दोबारा परीक्षा के फैसले के बाद NSUI, SFI, AISA और KYS समेत कई छात्र संगठनों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया. ABVP ने भी छात्रों के भविष्य से किसी तरह का समझौता नहीं करने की बात कही. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NTA के नेतृत्व को जवाबदेह ठहराने की मांग की.





