
मानव तस्करी गिरोह पर पुलिस का बड़ा एक्शन, युवती समेत 5 गिरफ्तार…
Lucknow News: लखनऊ और रायबरेली की नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्यों में बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की कथित सरगना युवती समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान अपहरण में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई से मानव तस्करी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो नाबालिग लड़कियों को झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाकर बेचने का काम करता था।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पूरा मामला लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र से सामने आया। गौरा पुलिस चौकी प्रभारी सौरभ सिंह के मुताबिक 12 मई को एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि रायबरेली से आई एक 16 वर्षीय किशोरी उनकी 16 और 12 साल की दो नातिनों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गई थी।
परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस को शक था कि किशोरियों को किसी लालच या बहाने से घर से बाहर ले जाया गया है। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच तेज की।
राजस्थान में बेचने की थी तैयारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि लड़कियों को राजस्थान ले जाया गया था। वहां उन्हें बेचने की तैयारी चल रही थी। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त अभियान चलाया।
इसके बाद दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो लड़कियों को मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क के हवाले किया जा सकता था।
गिरोह की सरगना युवती निकली
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन एक युवती कर रही थी। वही किशोरियों को भरोसे में लेकर उन्हें घर से बाहर निकालती थी और फिर गिरोह के अन्य सदस्यों की मदद से दूसरे राज्यों में पहुंचाती थी।
पुलिस ने युवती समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार मानव तस्करी के बड़े गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले कितनी लड़कियों को इस नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में भेजा गया।
आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और बैंक लेनदेन की भी जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है।
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परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
दोनों किशोरियों के सकुशल मिलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिवार ने पुलिस टीम का आभार जताया और कहा कि समय रहते कार्रवाई होने से बच्चियों की जिंदगी बच गई।
स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए प्रशासन से मानव तस्करी के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना ने एक बार फिर बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल नेटवर्किंग, झूठे लालच और परिचितों के जरिए बच्चों को फंसाने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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