Dollar vs Rupee: RBI के फैसले से बाजार में हलचल, रुपया 1.3% उछला

Dollar vs INR: भारतीय मुद्रा बाजार में सोमवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब Reserve Bank of India (आरबीआई) के हस्तक्षेप के बाद रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 1.3% मजबूत होकर 93.59 के स्तर पर खुला। यह मजबूती ऐसे समय आई है जब हाल के दिनों में रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ था।

सट्टेबाजी पर लगाम लगाने की कोशिश
रुपये में इस मजबूती की मुख्य वजह आरबीआई का वह ताजा निर्देश है, जिसमें विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए बैंकों की ओपन पोजिशन पर सीमा तय की गई है। केंद्रीय बैंक ने सभी अधिकृत डीलर बैंकों को निर्देश दिया है कि वे रुपये में अपनी ओपन पोजिशन को अधिकतम 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखें।

इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी न हो और रुपये पर अनावश्यक दबाव न बने। आमतौर पर बड़ी ओपन पोजिशन बाजार में उतार-चढ़ाव को बढ़ाती हैं, जिससे मुद्रा कमजोर हो सकती है।

समयसीमा और सख्ती
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि सभी कमर्शियल बैंक 10 अप्रैल तक इस नियम का पालन सुनिश्चित करें। साथ ही, बैंकों को यह भी कहा गया है कि वे हर दिन के अंत तक अपनी ऑनशोर पोजिशन तय सीमा के भीतर ही रखें।

केंद्रीय बैंक ने संकेत दिए हैं कि बाजार की स्थिति को देखते हुए भविष्य में यह सीमा अलग-अलग भी तय की जा सकती है, यानी जरूरत पड़ने पर और सख्ती या ढील दोनों संभव हैं।

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बाजार पर तत्काल असर
आरबीआई के इस कदम का असर तुरंत दिखा और रुपये में मजबूती दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शॉर्ट-टर्म में रुपये को स्थिरता मिलेगी और अचानक होने वाली गिरावट पर रोक लगेगी।

हालांकि, दीर्घकाल में रुपये की दिशा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के प्रवाह जैसे कारकों पर भी निर्भर करेगी।

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निवेशकों के लिए संकेत
आरबीआई का यह कदम बाजार को यह स्पष्ट संदेश देता है कि केंद्रीय बैंक रुपये की अत्यधिक कमजोरी को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सक्रिय हस्तक्षेप करता रहेगा। इससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है।

कुल मिलाकर, आरबीआई की यह पहल रुपये को स्थिर करने और विदेशी मुद्रा बाजार में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फैसला बाजार में कितनी स्थिरता ला पाता है और रुपये की मजबूती कितनी टिकाऊ साबित होती है।

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