
Meghalaya में सियासी भूचाल के संकेत, 13 विधायक BJP का थाम सकते हैं दामन…
मेघालय में बड़े सियासी उलटफेर की अटकलें तेज, अमित शाह से मुलाकात के बाद UDP के 9 विधायकों के BJP में जाने की चर्चा; TMC के 4 MLA भी संपर्क में होने का दावा
Shillong: मेघालय की सियासत में बड़े राजनीतिक फेरबदल की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ सरकार की सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 9 विधायक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की तैयारी में हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 4 विधायकों के भी बीजेपी का दामन थामने की चर्चा है।
अगर यह दावा सही साबित होता है तो मेघालय में बीजेपी का सियासी कद अचानक बढ़ सकता है। खास बात यह है कि UDP और बीजेपी दोनों ही मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे रहे हैं। ऐसे में सहयोगी दल के विधायकों का बीजेपी में जाना राज्य के मौजूदा सत्ता समीकरण के लिए बड़ा घटनाक्रम होगा।
अमित शाह से मुलाकात ने बढ़ाया सस्पेंस
सूत्रों के मुताबिक, UDP के संभावित बागी विधायकों ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। बैठक के बाद UDP नेताओं ने इसे FCRA कानून और मेघालय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा बताया था।
हालांकि, राजनीतिक सूत्र इस मुलाकात को अलग नजरिए से देख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि अमित शाह के साथ बैठक में राजनीतिक भविष्य और बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
फिलहाल बीजेपी, UDP या संबंधित विधायकों की ओर से इस संभावित दल-बदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पार्टी अध्यक्ष से नाराजगी बनी वजह?
सूत्रों के अनुसार, UDP के 9 विधायक पार्टी अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह से नाराज बताए जा रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते इन विधायकों के पार्टी से अलग होने की संभावना जताई जा रही है।
सबसे अहम बात यह है कि ये विधायक अगर UDP छोड़ते हैं तो विपक्षी खेमे में जाने के बजाय बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इससे मेघालय में बीजेपी को सीधे राजनीतिक फायदा मिलने की संभावना है।
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TMC के 4 विधायक भी बदल सकते हैं पाला
इस पूरे घटनाक्रम में TMC के 4 विधायकों का नाम सामने आना भी महत्वपूर्ण है। सूत्रों का दावा है कि ये विधायक भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
यदि UDP और TMC के कुल 13 विधायक बीजेपी के साथ आते हैं, तो राज्य में बीजेपी की राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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2028 के चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति?
मेघालय में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले संभावित दल-बदल को बीजेपी की पूर्वोत्तर रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
यदि यह सियासी घटनाक्रम वास्तव में दल-बदल में बदलता है, तो इसका असर न सिर्फ UDP और TMC पर पड़ेगा, बल्कि मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा की सरकार के भीतर भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
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