ब्राजील में सत्ता की जंग रोमांचक, लूला के सामने बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो की चुनौती

Brazil Election 2026: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला दा सिल्वा को पीछे छोड़ दिया है। पहले दौर में किसी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए अब 25 अक्टूबर को दोनों के बीच सीधा मुकाबला होगा।

Brazil: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर सामने आया है। 4 अक्टूबर को हुए पहले दौर के मतदान में राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सीनेटर फ्लावियो बोल्सोनारो ने पीछे छोड़ दिया। चुनाव आयोग के लगभग पूर्ण परिणामों के मुताबिक फ्लावियो को 47.03% वोट मिले, जबकि लूला को 45.16% वोट हासिल हुए।

25 अक्टूबर को होगा दूसरे दौर का मतदान
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में पहले दौर में जीत के लिए उम्मीदवार को वैध मतों का 50% से अधिक हासिल करना जरूरी होता है। इस बार कोई भी उम्मीदवार यह आंकड़ा पार नहीं कर सका। इसलिए अब सबसे ज्यादा वोट पाने वाले दो उम्मीदवारों—फ्लावियो बोल्सोनारो और लूला दा सिल्वा—के बीच 25 अक्टूबर को दूसरे दौर का चुनाव होगा।

पहले दौर में फ्लावियो को करीब 5.61 करोड़ वोट, जबकि लूला को करीब 5.39 करोड़ वोट मिले। दोनों के बीच लगभग 22 लाख वोटों का अंतर रहा।

कौन हैं फ्लावियो बोल्सोनारो?
45 वर्षीय फ्लावियो बोल्सोनारो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे हैं और रियो डी जेनेरियो से सीनेटर हैं। वह पहली बार ब्राजील के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। फ्लावियो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का करीबी और दक्षिणपंथी राजनीति का प्रमुख चेहरा माना जाता है।

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पिता जायर बोल्सोनारो को 27 साल की सजा
फ्लावियो के पिता और ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो को 2022 का राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद सत्ता पलटने की साजिश के मामले में करीब 27 साल की जेल की सजा मिली है। वह जेल से ही अपने बेटे फ्लावियो के समर्थन में राजनीतिक संदेश देते रहे हैं।

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सर्वे में लूला को मिल रही थी बढ़त
चुनाव से पहले जारी कई सर्वेक्षणों में लूला और फ्लावियो के बीच बेहद करीबी मुकाबला दिखाई दे रहा था। कुछ सर्वेक्षणों में लूला को मामूली बढ़त भी मिली थी। लेकिन वास्तविक मतदान के परिणाम में फ्लावियो 47.03% वोट के साथ पहले स्थान पर रहे और लूला 45.16% के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

अब ब्राजील की जनता के सामने एक बार फिर लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच सीधा विकल्प होगा। 25 अक्टूबर का दूसरा दौर यह तय करेगा कि ब्राजील की सत्ता लूला के पास रहती है या बोल्सोनारो परिवार एक बार फिर राष्ट्रपति भवन में वापसी करता है।

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