
UP में छात्राओं को मिलेगी मुफ्त स्कूटी, इन बेटियों को योगी सरकार देगी सौगात
UP Rani Laxmibai Scooty Yojana: यूपी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को लेकर बड़ा अपडेट। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने नए पात्रता नियम तय किए।
UP Rani Laxmibai Scooty Yojana: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटर योजना’ को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने योजना के लिए नई और सख्त पात्रता शर्तों (Eligibility Criteria) की घोषणा की है। अब इस योजना का लाभ केवल उन्हीं छात्राओं को मिल सकेगा जिन्होंने ग्रेजुएशन के प्रथम वर्ष में 80% या उससे अधिक अंक हासिल किए हैं।
पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी देगी सरकार
उच्च शिक्षा विभाग ने प्रारंभिक चर्चा के बाद यह साफ कर दिया है कि छात्राओं को इलेक्ट्रिक या बैटरी से चलने वाले वाहनों के बजाय पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी दी जाएगी। शिक्षा मंत्री ने इसके पीछे का तर्क स्पष्ट करते हुए बताया कि बाजार में बैटरी वाली स्कूटी काफी महंगी हैं, इसलिए आम जनभावना और उपयोगिता को देखते हुए छात्राओं को पेट्रोल वेरिएंट देने का फैसला किया गया है। इसके लिए सरकार GeM पोर्टल के माध्यम से जल्द ही वाहन निर्माता कंपनियों से टेंडर आमंत्रित करेगी।
योजना की प्रमुख शर्तें और पात्रता (Key Highlights)
सरकार इस योजना के लिए करीब 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित कर चुकी है, जिससे राज्य की लगभग 60,000 मेधावी छात्राओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। पात्रता को पारदर्शी और जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए निम्नलिखित नियम तय किए जा रहे हैं:
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शैक्षणिक योग्यता: छात्रा का राज्य के किसी भी सरकारी या संबद्ध डिग्री कॉलेज/यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन (स्नातक) प्रथम वर्ष में न्यूनतम 80 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है।
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पारिवारिक आय सीमा: योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद छात्राओं को मिले, इसके लिए पारिवारिक आय सीमा तय करने पर मंथन चल रहा है। सरकार सालाना आय सीमा 10 से 12 लाख रुपये के बीच निर्धारित करने पर विचार कर रही है, ताकि मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग की बेटियों को इसका पूरा लाभ मिल सके।
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उद्देश्य: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं की परिवहन समस्या को दूर करना, जिससे दूरी की वजह से उनकी पढ़ाई न छूटे।
कॉलेजों में यूनिफॉर्म को लेकर भी निर्देश
स्कूटी योजना के साथ-साथ उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कॉलेजों में ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म) को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब 70% डिग्री कॉलेजों में पहले से ही यूनिफॉर्म लागू है। बाकी बचे 30% कॉलेजों को भी चिन्हित कर वहां जल्द से जल्द यूनिफॉर्म से जुड़े निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने पर काम चल रहा है।
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