छोटी दिवाली पर करें ये अचूक उपाय, मिलेगा उत्तम स्वास्थ्य का वरदान

Choti Diwali 2026 Upay: पांच दिवसीय दीपोत्सव के पावन पर्व के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi) मनाई जाती है, जिसे आम बोलचाल में छोटी दिवाली (Choti Diwali) भी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध करके तीनों लोकों को उसके आतंक से मुक्त कराया था।

इस दिन यमराज की पूजा और दीपदान करने की भी विशेष परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली के दिन कुछ खास उपाय करने से जातक को लंबी आयु, अच्छा स्वास्थ्य और सभी संकटों से मुक्ति का वरदान मिलता है।

नरक चतुर्दशी का महत्व

नरक चतुर्दशी का संबंध मुख्य रूप से अच्छी सेहत, लंबी उम्र और सुंदरता से जुड़ा हुआ है। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज (Lord Yamraj) की पूजा करने और उनके नाम का दीपक जलाने का विधान है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों पर से अकाल मृत्यु (Untimely Death) का भय हमेशा के लिए टल जाता है। इसके अलावा, कुछ क्षेत्रों में इस दिन हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी हनुमान जी की विशेष उपासना की जाती है।

मान्यता है कि इस दिन ताजे या ठंडे पानी से स्नान करने से शरीर और मन शुद्ध होते हैं। कई स्थानों पर शरीर पर विशेष उबटन लगाकर स्नान करने का विधान है, जिससे शारीरिक सौंदर्य में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है। स्नान के उपरांत घर के हर कोने में दीपदान अवश्य करना चाहिए।

ऐसे जलाएं ‘यम दीपक’

नरक चतुर्दशी की शाम को यमराज के निमित्त दीपक जलाने की परंपरा है, जिसे ‘यम दीपदान’ कहा जाता है।

  • घर के मुख्य द्वार के बाईं ओर अनाज (गेहूं या चावल) की एक छोटी सी ढेरी बनाएं।

  • इसके ऊपर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक रखें।

  • इस दीपक की लौ का मुख हमेशा दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है।

  • दीपक प्रज्वलित करने के बाद उस पर थोड़े फूल और जल अर्पित करें तथा यमराज से परिवार की सुख-शांति, लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

करें हनुमान जी की पूजा

नरक चतुर्दशी के पावन अवसर पर हनुमान जी की विशेष पूजा करने से जीवन के तमाम कष्टों से राहत मिलती है। इस दिन शाम के समय हनुमान मंदिर जाकर उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। घर पर पूजा के दौरान हनुमान जी के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं। उन्हें तुलसी के पत्ते डालकर बेसन या बूंदी के लड्डुओं का भोग लगाएं।

पूजा की शुरुआत सबसे पहले भगवान श्रीराम के स्मरण से करें और फिर हनुमान जी की आराधना करते हुए हनुमान चालीसा का कम से कम तीन बार पाठ करें। अंत में संकटमोचन से अपने परिवार की रक्षा और सुख-समृद्धि की कामना करें।

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