कौशांबी पटाखा ब्लास्ट में बड़ा एक्शन, 11 मौतों के गुनाहगार नौशाद का एनकाउंटर

Kaushambi Firecracker Blast: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र (मनौरी/महमूदपुर) में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके के बाद जिला प्रशासन और यूपी पुलिस ने एक्शन मोड अपना लिया है। 11 लोगों की जान लेने वाले आरोपी नौशाद को देर रात पुलिस मुठभेड़ (Half Encounter) के दौरान गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में स्थानीय थाना प्रभारी (SO) समेत कई पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर और निलंबित भी किया गया है।

अवैध दुकानों और गोदाम पर चला बुलडोजर

सोमवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी नौशाद और उसके परिवार के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई।

मनौरी कस्बे में आरोपी द्वारा घनी आबादी वाले क्षेत्र में बनाए गए अवैध गोदाम और दुकानों को पूरी तरह से ढहा दिया गया। बुलडोजर कार्रवाई से पहले पुलिस ने परिसर से दो डीसीएम (DCM) भरकर भारी मात्रा में रखा अवैध विस्फोटक बारूद और पटाखे बरामद कर सुरक्षित स्थान पर भिजवाए।

आधी रात को ‘हाफ एनकाउंटर’

हादसे के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी नौशाद की तलाश में पुलिस की चार अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। देर रात पिपरी थाना पुलिस और एसओजी (SOG) टीम के साथ हुई मुठभेड़ में नौशाद ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई (हाफ एनकाउंटर) में मुख्य आरोपी नौशाद के पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घायल आरोपी को इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लापरवाह पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

घनी आबादी के बीच बिना किसी सुरक्षा मानकों के अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन होने और प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर उच्चाधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है  पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।

चायल चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी और पूर्व चौकी प्रभारी को भी लाइन हाजिर किया गया। क्षेत्र के बीट आरक्षी जितेंद्र कुमार और कृष्ण कुमार को कर्तव्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।

6 लोगों पर दर्ज हुई FIR

पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर नौशाद, उसके बेटे आदिल, शकील, शबाना, कहकशा बानो और शाइना समेत 6 नामजद लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। धमाके की प्रचंडता को देखते हुए मामले की जांच में एटीएस (ATS) की टीम को भी शामिल किया गया है।

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