वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण… सीएम योगी बोले – यह भारत की एकता, भक्ति और शक्ति का प्रतीक

Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कहा कि यह दिन भारत के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस दिवस को “स्मृति दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय देशवासियों के लिए नई प्रेरणा लेकर आया है।

सीएम योगी ने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की आजादी का अमर मंत्र था, जिसने विदेशी शासन की यातनाओं के बावजूद हर भारतीय को एकजुट किया। आजादी के आंदोलन के दौरान यह गीत गांव-गांव, नगर-नगर में प्रभात फेरियों और आंदोलनों का स्वर बन गया था।”

कार्यक्रम में राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन और प्रदर्शनी का अवलोकन
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया गया, स्वदेशी का संकल्प लिया गया और बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को नमन किया गया।
मुख्यमंत्री योगी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा।

योगी ने इस अवसर पर कोविड काल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस प्रकार 100 वर्ष पहले भारत ने महामारी से बड़ी हानि झेली थी, उसी तरह कोविड जैसी चुनौती का भी देश ने एकजुट होकर सामना किया।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन और आम नागरिकों ने कर्तव्यनिष्ठा से कार्य करते हुए मानवता की रक्षा की।

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“भारत की सामूहिक चेतना का प्रतीक है वन्दे मातरम्”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1875 में रचा गया ‘वन्दे मातरम्’ केवल गीत नहीं, बल्कि भारत की सामूहिक चेतना का प्रतीक है।
यह गीत संस्कृत और बांग्ला दोनों भाषाओं की अभिव्यक्ति है, जो पूरे राष्ट्र को “माता” के रूप में देखने का भाव जगाता है।

उन्होंने कहा कि 1905 के बंग-भंग आंदोलन से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक, यह गीत क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहा। “इस गीत ने हर भारतीय के भीतर देशभक्ति की ज्वाला प्रज्वलित की,”
योगी ने कहा।

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बाबा साहेब आंबेडकर के प्रसंग का उल्लेख
सीएम योगी ने अपने भाषण में डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे संविधान ने हमें अधिकार दिए हैं, वैसे ही कर्तव्यों का स्मरण भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन्दे मातरम् भारत की एकता, भक्ति और शक्ति का प्रतीक है। जब भी देश ने जाति, धर्म या भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य किया, वही वन्दे मातरम् की भावना रही।

कार्यक्रम ने न केवल राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ को श्रद्धा और गर्व के साथ याद किया, बल्कि इस अवसर ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि राष्ट्रभक्ति, एकता और कर्तव्यबोध ही भारत की असली पहचान है।

सीएम योगी के शब्दों में “वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति है।”

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