Movie Review: कन्फ्यूजन का चक्रव्यूह और गायब कॉमेडी, पुराने फॉर्मूलों से रची नई फिल्म

Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Review: वरुण की ये मूवी आज 5 जून को थिएटर में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया है। डेविड हमेशा से ही अपने अपनी फिल्मों के खास टेम्पलेट के लिए जाने जाते हैं।

Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai Review: पिछले तीन दशक से ज्‍यादा समय से फिल्‍मों में सक्रिय फिल्‍ममेकर डेविड धवन ने हिंदी सिनेमा को आंखें, शोला और शबनम, जुड़वा, कुली नंबर 1, बीवी नंबर 1 जैसी कई हिट कॉमेडी फिल्‍में दी हैं। ‘है जवानी तो इश्‍क होना है’ उनके द्वारा निर्देशित 46वीं फिल्‍म है। कोरोना काल के बाद बेहतर कॉमेडी, विश्व सिनेमा और रिश्तों की बदलती समझ ने दर्शकों की अपेक्षाओं को भी बदल दिया है।

कैसी है वरुण की ये मूवी…?

ये फिल्म वैसी ही है जैसी डेविड धवन की फिल्में होती हैं,बिना दिमाग लगाए एंजॉय करने वाली, फिल्म में अच्छी कॉमेडी है. लंदन की अच्छी लोकेशंस हैं, अच्छे अच्छे कॉस्ट्यूम पहने एक्टर्स हैं, अच्छा म्यूजिक है. फिल्म करीब 2 घंटे 10 मिनट की है तो खींचती नहीं है. ऐसी फिल्मों का एक खास दर्शक हमेशा से रहा है, जो फिल्मों से अच्छा टाइम पास करना चाहता है.

ये फिल्म उन्हीं दर्शकों के लिए बनाई गई है. टीजर काफी खराब था, लेकिन ट्रेलर से डेविड धवन ने बताया वो क्या करने वाले हैं और उन्होंने वही किया है. तो अगर इस फिल्म का ट्रेलर आपको अच्छा लगा तो देख लीजिए. ये स्नैकर फिल्म है , तो यहां कुछ ऐसी उम्मीद मत ले जाएगा कि आपको कुछ ऐसा दिख जाएगा जो सिनेमा में नहीं दिखा. ये एक टिपिकल डेविड धवन फिल्म है, यही सोचकर जाएंगे तो मजा आएगा.

फर्स्ट हाफ में कहानी बिल्ड होती है, सेकेंड हॉफ में जब जस की दोनों पत्नियों के बीच को कन्फ्यूजन वाले सीन आते हैं तो बहुत बोरिगलगता है. सेकेंड हाफ थोड़ा छोटा किया जा सकता था और ऐसा होता तो फिल्म और pacy होती. सपोर्टिंग कास्ट ने फिल्म को काफी एंटरटेनिंग बनाया है.

कलाकारो की एक्टिंग

वरुण धवन ने अच्छा काम किया है, उनके कॉमिक पंच मजेदार लगते हैं, वो देखने में भी काफी हैंडसम और फिट लगे हैं. मृणाल ठाकुर का काम ठीक है, पूजा हेगड़े ने अच्छा काम किया है. मनीष पॉल मजेदार हैं. जिमी शेरगिल बढ़िया लगते हैं. उनके साथ बने राजेश कुमार का काम अच्छा है राकेश बेदी मजेदार लगते हैं.

मौनी रॉय का किरदार शॉकिंग और मजेदार है. चंकी पांडे बढ़िया हैं. आयशा रजा मिश्रा अच्छी लगी हैं. बाकी के सारे एक्टर्स भी अपना काम अच्छे से करते हैं. कई कैरेक्टर ओवर द टॉप हैं लेकिन उनका किरदार वैसे ही मजेदार लगता है.

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राइटिंग और डायरेक्शन

युनूस सजावल ने कहानी लिखी है, राइटिंग ठीक है, कॉमिक पंच और डाले जा सकते थे. ऐसे में डेविड धवन निर्देशित ‘है जवानी तो इश्‍क होना है’ जिन गलतफहमियों और संबंधों की उलझनों को हास्य के रूप में पेश करती है, वे मनोरंजन से ज्यादा अविश्वसनीय और उलझाऊ लगती हैं। जो फॉर्मूला कभी दर्शकों को गुदगुदाने में सफल रहता था, वही आज अपनी चमक खो चुका महसूस होता है। कुल मिलाकर डेविड धवन की फिल्में पसंद हैं तो देखिए।

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