
जनसुरक्षा पर योगी सरकार का फोकस, सभी जिलों में शुरू हुआ नागरिक सुरक्षा अभियान…
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को राज्यव्यापी स्वरूप देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में नागरिक सुरक्षा तंत्र का विस्तार कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। इसी दिशा में मंगलवार को नवसृजित जनपदों के स्वयंसेवकों के लिए 12 दिवसीय ‘सिविल डिफेंस बेसिक ओरिएंटेशन कोर्स’ का शुभारंभ किया गया।
लखनऊ के सीतापुर रोड स्थित नागरिक सुरक्षा केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित उद्घाटन समारोह में होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dharmveer Prajapati ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका पहले की तुलना में कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
14 जिलों से बढ़कर 75 जिलों तक पहुंचा नेटवर्क
राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में नागरिक सुरक्षा विभाग का व्यापक विस्तार किया गया है। पहले यह व्यवस्था प्रदेश के केवल 14 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे सभी 75 जिलों में लागू कर दिया गया है।
सरकार का मानना है कि किसी भी आपदा, प्राकृतिक संकट, दुर्घटना या राष्ट्रीय आपात स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता जनहानि को कम करने और राहत कार्यों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
बदलती चुनौतियों के बीच बढ़ी नागरिक सुरक्षा की अहमियत
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि देश वर्तमान समय में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है। प्राकृतिक आपदाएं, शहरी दुर्घटनाएं, तकनीकी संकट और अन्य आपात स्थितियां नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रासंगिक बनाती हैं।
उन्होंने कहा कि केवल सरकारी एजेंसियों के भरोसे आपदा प्रबंधन को प्रभावी नहीं बनाया जा सकता। इसके लिए समाज के जागरूक और प्रशिक्षित नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी सोच के तहत नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
12 दिन तक मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
‘सिविल डिफेंस बेसिक ओरिएंटेशन कोर्स’ के तहत स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की आपात स्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्य, आग से सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था और राहत संचालन जैसे विषय शामिल हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने के लिए तैयार करना भी है। विशेषज्ञ प्रशिक्षक उन्हें व्यावहारिक अभ्यास और मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रशिक्षित करेंगे।
समाज सेवा और जिम्मेदारी का माध्यम
धर्मवीर प्रजापति ने प्रशिक्षणार्थियों से आह्वान किया कि वे इस अवसर को केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में न देखें, बल्कि समाज सेवा और जनहित में योगदान देने के अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वयंसेवक किसी भी संकट की घड़ी में प्रशासन और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा का उद्देश्य केवल आपदा के समय सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता, अनुशासन और सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना भी है।
यह भी पढ़ें…
UP B.Ed. प्रवेश परीक्षा का परिणाम आज, जानें रिजल्ट और एडमिशन की पूरी प्रक्रिया…
आपदा प्रबंधन क्षमता होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिक सुरक्षा नेटवर्क के विस्तार से उत्तर प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को नई मजबूती मिलेगी। राज्य के दूरदराज और नए जिलों में भी प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपलब्धता से राहत और बचाव कार्यों की गति बढ़ेगी।
इसके अलावा, स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवाओं और नागरिकों की भागीदारी से प्रशासन को भी संकट के समय बेहतर सहयोग प्राप्त होगा।
यह भी पढ़ें…
Lucknow News: राप्तीसागर एक्सप्रेस में बम की सूचना से हड़कंप, ऐशबाग में रोकी गई ट्रेन
सुशासन और जनसुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
प्रदेश सरकार की यह पहल सुशासन और जनसुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है। सभी जिलों में नागरिक सुरक्षा तंत्र के विस्तार से न केवल आपदा प्रबंधन व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।
यह भी पढ़ें…





