
West Bengal सरकार का फरमान! सरकारी दफ्तरों में दो दिन जनता दरबार
पश्चिम बंगाल सरकार ने जन शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हर मंगलवार और गुरुवार सरकारी कार्यालयों में 'जनता दरबार' लगाने का निर्देश दिया है। शिकायतों और कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पोर्टल पर दर्ज होगा।
West Bengal: पश्चिम बंगाल सरकार ने आम लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी कार्यालयों में सप्ताह में दो दिन ‘जनता दरबार’ लगाया जाएगा। इसके तहत जिला और फील्ड स्तर के अधिकारी सीधे जनता से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और शिकायतों पर हुई कार्रवाई का विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
मंगलवार और गुरुवार को लगेगा जनता दरबार
सरकार के निर्देश के मुताबिक, हर मंगलवार और गुरुवार सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संबंधित सरकारी कार्यालयों में जनता दरबार आयोजित किया जाएगा। इस दौरान अधिकारियों को अपने कार्यालय में मौजूद रहना होगा। जनता दरबार के समय कोई बैठक या अन्य आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसडीओ, बीडीओ, पुलिस अधिकारियों समेत अन्य जमीनी स्तर के अधिकारियों को इसमें उपलब्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने अधिकारियों को इस व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने को कहा है।
शिकायतों का ऑनलाइन रिकॉर्ड भी रखा जाएगा
जनता दरबार में लोगों की शिकायतें सुनने के बाद अधिकारियों को उनकी शिकायत और उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। इससे शिकायतों की निगरानी ऑनलाइन की जा सकेगी और यह पता लगाना आसान होगा कि किसी मामले में कितना काम हुआ है।
जनता दरबार में अधिकारियों की उपलब्धता का दिन और समय, उनके मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सरकारी कार्यालयों के बाहर और आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
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डिजिटल सुविधा से दूर लोगों को भी मिलेगा फायदा
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलने की उम्मीद है, जो ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज करने में सहज नहीं हैं। ऐसे लोग सीधे सरकारी कार्यालय पहुंचकर संबंधित अधिकारी से आमने-सामने अपनी समस्या बता सकेंगे।
सरकार का मानना है कि ‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पहल को जमीनी स्तर तक ले जाने से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होगा। शिकायतों की ऑनलाइन निगरानी से अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
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पहले मुख्यमंत्री स्तर पर शुरू हुई थी पहल
‘आपनार सरकार आपनार पाशे’ पहल के तहत मुख्यमंत्री स्तर पर भी जनता की समस्याएं सीधे सुनने की व्यवस्था की गई थी। अब इसी मॉडल को फील्ड स्तर के अधिकारियों तक विस्तार देने की तैयारी है। इससे लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।
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