गिरावट के साथ बंद हुआ सेंसेक्स-निफ्टी, आईटी और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली

वैश्विक दबाव और आईटी, मेटल व रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली के चलते सोमवार को सेंसेक्स 307 अंक टूटकर 76,957 पर बंद हुआ।

Sensex Nifty Crash: शेयर बाजार में आज यानी 31 अगस्त को गिरावट रही। सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76,957 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 95 अंक की गिरावट रही, ये 24,080 पर बंद हुआ। मेटल, FMCG और मीडिया शेयर्स में आज ज्यादा गिरावट रही।

बाजार में मेटल, FMCG और मीडिया सेक्टर के शेयरों पर बिकवाली का दबाव सबसे ज्यादा रहा। दिनभर के कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क रहा। प्रमुख इंडेक्स में गिरावट के साथ कई सेक्टर्स में शेयरों की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। खासकर मेटल और FMCG शेयरों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी बढ़ाई।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

भारतीय बाजार के मुकाबले एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 31 अंक यानी 0.46% की बढ़त के साथ 6,820 के स्तर पर रहा। वहीं जापान का निक्केई 94 अंक यानी 0.14% गिरकर 66,312 पर बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में भी 18 अंक यानी 0.07% की मामूली गिरावट रही और यह 25,567 के स्तर पर रहा।

घरेलू निवेशकों ने लगाए ₹16,817 करोड़

बाजार में गिरावट के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII की खरीदारी जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक घरेलू निवेशकों ने पिछले सात दिनों में कुल ₹16,817 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। सबसे ताजा कारोबारी आंकड़े में DII की खरीदारी ₹5,184 करोड़ रही। वहीं पिछले 30 दिनों में घरेलू निवेशकों की कुल खरीदारी ₹53,679 करोड़ तक पहुंच गई।

दूसरी ओर विदेशी संस्थागत निवेशकों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FII/FPI ने ताजा आंकड़ों में करीब ₹5,040 करोड़ की बिकवाली की। हालांकि पिछले सात दिनों का आंकड़ा देखें तो इनकी कुल बिकवाली करीब ₹3,242 करोड़ रही है। पिछले 30 दिनों में FII/FPI का नेट निवेश करीब ₹454 करोड़ पॉजिटिव रहा।

Purple Style Labs IPO खुला

पर्पल स्टाइल लैब्स का IPO आज से ओपन हो गया है। इसमें निवेशक 2 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस IPO के जरिए 680 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। कंपनी IPO के जरिए करीब ₹680 करोड़ जुटाने की योजना लेकर बाजार में आई है। IPO के खुलने के साथ ही निवेशकों की नजर कंपनी के इश्यू और सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर भी रहेगी।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकालिक अवधि में निफ्टी में 24,180–24,200 के स्तर की ओर एक मामूली पुलबैक (सुधार) देखा जा सकता है. हालांकि, ऊपरी स्तरों पर मजबूत प्रतिरोध (रजिस्टेंस) मौजूद है. यदि निफ्टी 24,200 के पार टिकने में सफल रहता है, तो इसमें 100 अंकों की और तेजी आ सकती है. इसके विपरीत, नीचे की ओर 23,990 पर तत्काल सपोर्ट है. इस स्तर के टूटने पर बाजार में करेक्शन गहरा सकता है.

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