
UPI टैक्स पर भड़कीं मायावती, महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार को सुनाया
Mayawati On UPI Charges: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने UPI डिजिटल लेनदेन पर शुल्क लगाने के सरकार के नए फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बसपा प्रमुख ने इस कदम को आम जनता की जेब पर अतिरिक्त डाका और सरकार का पूंजीवादी मुनाफाखोरी वाला रवैया करार दिया है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है, ऐसे में इस तरह का निर्णय लोगों के आक्रोश को और बढ़ाएगा।
डिजिटल लेनदेन शुल्क पर ऐतराज
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सरकार ने पहले डिजिटल लेनदेन और यूपीआई के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया और जब देश की बड़ी आबादी इसकी आदी हो गई, तो अब उस पर शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
1. यूपीआई डिजिटल लेनदेन को पहले ख़ूब बढ़ावा देने के बाद अब सरकार द्वारा उस लेनदेन पर शुल्क वसूलने की नई व्यवस्था लोगों की नज़र में प्रथमदृष्टया मुनाफाख़ोरी के पूंजीवादी रवैये के तहत जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूली है, जिससे जनता में बेचैनी व आक्रोश स्वाभाविक है।
2. वैसे तो…— Mayawati (@Mayawati) September 18, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि यह नीति प्रथमदृष्टया जनता से दोनों हाथों से टैक्स वसूलने की पूंजीवादी सोच को दर्शाती है। मायावती के अनुसार, इसे चाहे कोई भी नाम दिया जाए, लेकिन इसका अंतिम वित्तीय बोझ आम नागरिकों की जेब पर ही पड़ेगा, जिसे स्वीकार करना जनता के लिए संभव नहीं है।
महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
देश की आर्थिक स्थिति और जनसमस्याओं पर बात करते हुए मायावती ने कहा कि देश की विशाल आबादी इस समय भीषण गरीबी, बढ़ती महंगाई और संसाधनों के अभाव से बेहाल है। उन्होंने सरकार का ध्यान दिलाते हुए कहा कि करोड़ों युवा और बच्चे अशिक्षा, बेरोजगारी और अनिश्चित भविष्य से जूझ रहे हैं। ऐसे संकटपूर्ण समय में जनकल्याणकारी योजनाएं बनाने और राहत देने के बजाय जनता पर नए-नए कर या शुल्क लादना संवेदनहीनता को दर्शाता है।
1. बहुचर्चित सामाजिक न्याय की ज़रूरत व माँग भी यही है कि यूपी सरकार माननीय न्यायालय में यदि इस बात की पुरज़ोर पैरवी करती कि एससी समाज के हित व कल्याण हेतु ’स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान’ के धन से ज़िला सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, क़न्नौज व जालौन में बनाये गये मेडिकल कालेजों में एससी वर्ग…
— Mayawati (@Mayawati) September 18, 2026
जनहित में फैसले वापस लेने की मांग
मायावती ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अपने इस फैसले पर पुनर्वितार करे और आम जनता को राहत प्रदान करे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की प्राथमिकता नागरिकों का कल्याण और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करना होना चाहिए, न कि व्यापारिक लाभ कमाना।
बसपा प्रमुख ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनविरोधी नीतियों और अतिरिक्त करों के बोझ को कम नहीं किया, तो इससे लोगों के बीच असंतोष और अधिक गहरा होता जाएगा।
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