निठारी कांड में बरी हुए Surendra Koli ने की आत्महत्या

Surendra Koli Nithari Case: निठारी कांड में मुख्य आरोपी रहे सुरेंद्र कोली ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। 11 नवम्बर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र कोली को रिहा करने का आदेश दिया था। यह फैसला निठारी हत्याकांड के बाद आया, जिसने साल 2006 में पूरे देश को दहला दिया था, जब नोएडा के निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले से 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद हुए थे।

इस वारदात ने पुलिस और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया था।मामले में पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि कोली बच्चों और महिलाओं को बहला-फुसलाकर लाता था, उनके साथ दुष्कर्म करता और फिर हत्या कर शवों को नाले में फेंक देता था। जेल से रिहाई के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार (उत्तराखंड) के भूपतवाला (सप्त सरोवर रोड) इलाके में रह रहा था और वहीं किराए पर चाय की दुकान चला रहा था। 18 सितंबर 2026 को उसने अपनी इसी चाय की दुकान पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मामले की छानबीन कर रही है।

गौरतलब है कि सुरेंद्र कोली मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले का रहने वाला था और नोएडा के सेक्टर-31 में व्यवसायी Moninder Singh Pandher की कोठी (D-5) में घरेलू सहायक/रसोइया के रूप में काम करता था। दिसंबर 2006 में पंढेर की कोठी के पीछे वाले नाले से बच्चों के कंकाल और मानव हड्डियां बरामद होने के बाद यह भयानक नरसंहार सामने आया था। सात  मई 2006 को निठारी की एक युवती को पंढेर ने नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था। इसके बाद युवती वापस घर नहीं लौटी। युवती के पिता ने नोएडा के सेक्टर-20 थाने में गुमशुदगी का केस दर्ज कराया था।

इसके बाद 29 दिसंबर 2006 को निठारी में मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी के पीछे नाले में पुलिस को 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे।पुलिस ने मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। बाद में निठारी कांड से संबंधित सभी मामले सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए गए थे।

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