
CEC को हटाने की मांग के बीच चुनाव आयोग की बैठक, निर्वाचन सदन में तीनों आयुक्त जुटे
Election Commission Meeting: चुनाव आयोग की बैठक ऐसे समय हुई जब CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों का विरोध तेज है; मार्च में दिए गए हटाने के नोटिस अप्रैल में लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति ने खारिज कर दिए थे।
New Delhi: चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच शनिवार को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में आयोग की अहम बैठक हुई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। बैठक दोपहर करीब 3 बजे हुई।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब चुनाव आयोग के कामकाज और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हालिया मीडिया रिपोर्ट के बाद विवाद और तेज हुआ है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी सामने आई है।
बैठक में CEC के साथ दोनों चुनाव आयुक्त मौजूद
निर्वाचन सदन में हुई बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अलावा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हुए। तीनों चुनाव आयुक्तों की यह बैठक ऐसे वक्त में हुई है जब चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं।
हालिया रिपोर्टों में आयोग के भीतर कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद का दावा किया गया है। विपक्ष ने इन रिपोर्टों को आधार बनाकर CEC की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन रिपोर्टों में किए गए दावों और उनके राजनीतिक अर्थ को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है।
30 सितंबर को INDIA ब्लॉक की बैठक
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा जारी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक INDIA ब्लॉक की 30 सितंबर को बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चुनाव आयोग से जुड़े विवाद और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हो सकती है।
यह भी पढ़ें…
सरकार का चुनाव आयोग पर कोई दबाव नहीं:अठावले
मार्च में भी दिया गया था हटाने का नोटिस
यह पहली बार नहीं है जब ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने को लेकर संसद में नोटिस दिया गया था। मार्च 2026 में विपक्षी सांसदों ने लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग नोटिस दिए थे। लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 सांसदों के हस्ताक्षर वाले नोटिस के जरिए CEC को हटाने की मांग की गई थी।
हालांकि, 6 अप्रैल 2026 को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नोटिसों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। दोनों सदनों की ओर से जारी आदेशों में कहा गया था कि नोटिस पर विचार और संबंधित पहलुओं के आकलन के बाद इन्हें स्वीकार नहीं किया गया।
यह भी पढ़ें…
यूपी के 59 जिलों में चेतावनी, 8 जिलों में रेड अलर्ट; कई जगह स्कूल बंद…
चुनाव आयोग को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?
मौजूदा विवाद मुख्य रूप से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों के इर्द-गिर्द है। विपक्षी दलों ने CEC पर कई आरोप लगाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से अपनी संवैधानिक और कानूनी जिम्मेदारियों के तहत चुनावी प्रक्रिया संचालित करने की बात कही जाती रही है।
ऐसे में शनिवार को हुई तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में INDIA ब्लॉक की बैठक और चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम इस विवाद की दिशा को तय करने में अहम होंगे।
यह भी पढ़ें…





