
जलभराव से राहत देंगे 12 नए बाढ़ पंपिंग स्टेशन; दो दिन में पानी घटने का अनुमान
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के उफान के कारण उत्पन्न जलभराव की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने अब ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। शहर के निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल निकासी को बेहतर बनाने के लिए 12 नए बाढ़ पंपिंग स्टेशन (Flood Pumping Stations) बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसके साथ ही अगले दो दिनों में जलस्तर में दो फीट तक की कमी आने का अनुमान लगाया गया है, जिससे नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बनेंगे 12 नए पंपिंग स्टेशन
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने जानकारी दी है कि ग्रीन कॉरिडोर के किनारे आधुनिक बाढ़ पंपिंग स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत 400 किलोलीटर क्षमता वाले आठ स्टेशन और 600 किलोलीटर क्षमता वाले चार अन्य पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
इन पंपिंग स्टेशनों के बन जाने से भविष्य में भारी बारिश या नदी का जलस्तर बढ़ने पर शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की समस्या का तुरंत समाधान किया जा सकेगा और पानी की त्वरित निकासी सुनिश्चित होगी।
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जनप्रतिनिधियों ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
इस बीच, प्रशासन और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित इलाकों का सघन दौरा किया। मथुरा विहार, सावित्री नगर, लोहरामऊ, ऊंचा टीला, शिव शक्ति नगर और राम विहार जैसे जलमग्न इलाकों में पहुंचकर अधिकारियों ने जमीनी हालात का जायजा लिया।
इस राहत अभियान के दौरान क्षेत्रीय विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रक्षा मंत्री के विशेष कार्याधिकारी के.पी. सिंह और जनसंपर्क अधिकारी पुष्कर शुक्ला भी मौजूद रहे।
दौरे के दौरान जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक टीम ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान राहत सामग्री के रूप में कच्चा राशन, पका हुआ भोजन और शुद्ध पेयजल का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है और स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहेंगे।
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