
मुस्लिम समाज से मायावती ने की समर्थन की अपील, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना
BSP Suprimo Mayawati: उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2027 के विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र मुस्लिम समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। मंगलवार को पार्टी के मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन की बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ कहा कि भाजपा को हराने की असली ताकत अब सिर्फ बसपा के पास है, न कि समाजवादी पार्टी (सपा) या कांग्रेस जैसी पार्टियों के पास।
मायावती ने कहा कि पिछले कई चुनावों का अनुभव बताता है कि मुस्लिम समाज के एकतरफा समर्थन के बावजूद सपा और कांग्रेस भाजपा को हराने में नाकाम रहीं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अब मुस्लिम समुदाय को यह समझाना होगा कि भाजपा की “घातक राजनीति” को हराने के लिए बसपा को ही समर्थन देना जरूरी है।
भाईचारा कमेटियों को दिया अभियान का जिम्मा
बैठक में मायावती ने बताया कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में दो-सदस्यीय मुस्लिम भाईचारा संगठन बनाए गए हैं। इन कोऑर्डिनेटरों को हर विधानसभा क्षेत्र में छोटी-छोटी बैठकों के जरिए मुस्लिम समाज के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बसपा की चार बार की सरकारों में मुस्लिम समाज की सुरक्षा, सम्मान और भागीदारी सुनिश्चित की गई थी। मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों को पार्टी का सदस्य बनाएं और उन्हें बताएं कि बसपा ने हमेशा जातिवाद और सांप्रदायिकता को खत्म करने का काम किया है।
मुस्लिम समाज का सपा-कांग्रेस ने किया सिर्फ इस्तेमाल
बसपा सुप्रीमो ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन पार्टियों ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और सत्ता में आने के बाद उनके हितों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि बसपा ने हमेशा समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने का काम किया है।
मायावती ने वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मुस्लिम समाज का पूरा समर्थन नहीं मिलने के बावजूद बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। यह साबित करता है कि बसपा ही भाजपा को हराने में सक्षम है।
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सपा-कांग्रेस की वजह से ही मजबूत हुई भाजपा
मायावती ने कहा कि भाजपा की मजबूती की असली वजह सपा और कांग्रेस की गलत नीतियां हैं। “हर चुनाव में सपा और कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा बसपा को कमजोर करने की साजिशें रचीं। इसका नतीजा यह हुआ कि भाजपा यूपी में लगातार मजबूत होती चली गई,” उन्होंने कहा।
बैठक में मायावती ने पार्टी में अनुशासनहीनता के खिलाफ भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने हाल ही में कार्रवाई झेल चुके शमसुद्दीन राईन का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी में स्वार्थी और अवसरवादी लोगों के लिए कोई जगह नहीं है।
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1 नवंबर को ओबीसी समाज की बैठक
मायावती ने यह भी बताया कि बसपा अब 1 नवंबर को ओबीसी समाज को लेकर एक बड़ी बैठक करेगी। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी मौजूद रहेंगे। उद्देश्य है कि बसपा का सामाजिक समीकरण और मजबूत हो तथा संगठन बूथ स्तर तक सक्रिय किया जा सके।
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