
मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: कातिल मुस्कान और प्रेमी साहिल को सजा-ए-मौत
Meerut Blue Drum Case: उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ (Blue Drum Murder Case) में जिला अदालत ने बुधवार (14 अक्टूबर 2026) को अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है।
सौरभ राजपूत की नृशंस हत्या के मामले में मेरठ जिला न्यायालय ने मुख्य आरोपी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है। अदालत ने इस नृशंस और योजनाबद्ध हत्याकांड को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (दुर्लभ से दुर्लभतम) श्रेणी का माना है।
शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में जमाया
अभियोजन पक्ष और पुलिस जांच में सामने आए साक्ष्यों के अनुसार, लंदन में पदस्थ मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को अपनी पत्नी मुस्कान और बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने के लिए भारत आए थे। 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर एक साजिश रची। मुस्कान ने पहले सौरभ के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं और उसके बेहोश होने के बाद साहिल के साथ मिलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए सौरभ के शव के कई टुकड़े कर दिए। बदबू दबाने और सबूत मिटाने के इरादे से उन्होंने टुकड़ों को एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में डालकर उसमें तरल सीमेंट और रेत भर दी। वारदात को अंजाम देने के अगले ही दिन दोनों आरोपी बेखौफ होकर मनाली, शिमला और नैनीताल घूमने निकल गए थे।
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17 महीने का मीडिया ट्रायल
इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा 18 मार्च 2025 को हुआ, जब ब्रह्मपुरी इलाके के किराए के मकान से नीले ड्रम में बंद सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने करीब 1,000 पन्नों की चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में 34 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिनमें ड्रम विक्रेता, फोरेंसिक विशेषज्ञ और डॉक्टर शामिल थे।
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सुनवाई के दौरान अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए डिजिटल और फॉरेंसिक सबूतों को अत्यंत मजबूत माना। 30 सितंबर को दोनों आरोपियों को दोषी करार देने के बाद आज अदालत ने सजा के बिंदु पर अंतिम फैसला सुनाते हुए दोनों को फांसी के फंदे पर लटकाने के आदेश दिए हैं। फैसला आते ही मृतक सौरभ के रोते-बिलखते परिजनों ने अदालत के इस कड़े निर्णय का स्वागत किया है।
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