PM मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ मनाई दिवाली, बोले- नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीता देश

PM Modi Diwali 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 8 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई।

इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लंबी लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने दशकों पुराने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ संघर्ष में बड़ी जीत हासिल की है।

PM मोदी ने बताया ऐतिहासिक दिवाली

जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साल 2026 की दिवाली बेहद खास है। यह पहली दिवाली है जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि करोड़ों देशवासी अब नक्सल हिंसा के डर से बाहर निकलकर त्योहार मना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 40-50 वर्षों में नक्सलवाद ने देश के कई इलाकों को प्रभावित किया। इस लड़ाई में सुरक्षा बलों ने लंबे समय तक चुनौतियों का सामना किया और उनके बलिदान की वजह से आज हालात बदल रहे हैं।

जवानों को बताया अपने परिवार का हिस्सा

बस्तर में जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले और देश के भीतर शांति बनाए रखने वाले सभी सुरक्षा कर्मी उनके परिवार का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि वह 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से जवानों के त्याग, तपस्या और सेवा के प्रति आभार व्यक्त करने आए हैं।कभी नक्सलवाद का गढ़ था बस्तर, अब विकास की नई शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने बस्तर का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही क्षेत्र है, जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव था। लेकिन सुरक्षा बलों के साहस और समर्पण के कारण अब यहां शांति और विकास का नया दौर शुरू हो रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी नक्सली हिंसा का डर था, वहां अब विकास की नई संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

सुरक्षा बलों के बलिदान को किया सलाम

प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी। इसमें सुरक्षा बलों के जवानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने जवानों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में उनकी भूमिका बेहद अहम है।

बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाकर प्रधानमंत्री ने उन सुरक्षा कर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया, जो देश की सुरक्षा के लिए त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर ड्यूटी निभाते हैं।

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