
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से लखनऊ में मचा हड़कंप, कई गांवों के रास्ते जलमग्न
Lucknow Flood News: गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से बीकेटी क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात, खेतों में भरा पानी; ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत-बचाव कार्य तेज करने की मांग की है।
Lucknow: गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लखनऊ के बक्शी का तालाब (बीकेटी) इलाके में बाढ़ जैसे हालात बनते जा रहे हैं। नदी का पानी बढ़ने से क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सुल्तानपुर, बहादुरपुर, राजापुर, अकरिया कला, लासा, जमखनवा और दूघरा लासा समेत कई गांवों में पानी खेतों तक पहुंच गया है। इससे धान, गन्ना और सब्जियों की सैकड़ों बीघा फसलें प्रभावित हुई हैं।
खेतों में भरा पानी, किसानों की बढ़ी चिंता
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में पानी भर गया है। किसानों का कहना है कि अगर फसलें लंबे समय तक पानी में डूबी रहीं तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। धान और गन्ने के साथ सब्जियों की फसल भी जलभराव की चपेट में आ गई है।
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी का पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो अगले एक-दो दिनों में बाढ़ का पानी गांवों और घरों तक पहुंच सकता है।
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कई गांवों के रास्ते जलमग्न
जलस्तर बढ़ने का असर गांवों के संपर्क मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। कई रास्तों पर पानी भरने से ग्रामीणों के आने-जाने में परेशानी हो रही है। लोगों को अपने परिवार के साथ-साथ मवेशियों की सुरक्षा की भी चिंता सता रही है।
बहादुरपुर और राजापुर गांव की महिलाओं ने पीने के पानी की समस्या और जलभराव के कारण फैल रही बदबू की शिकायत की है। ग्रामीणों के मुताबिक पानी में सांप और बिच्छुओं का खतरा भी बढ़ गया है।
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प्रशासन से राहत और बचाव की मांग
गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और एसडीएम बीकेटी को स्थिति की जानकारी दी है। ग्रामीणों ने जल्द राहत और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में जरूरी मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम भेजने और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है।
फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पानी और बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के सामने गांवों में राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत करने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती होगी।
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