
UP में अपराधियों पर योगी सरकार का एक्शन, 9 साल में 303 एनकाउंटर में ढेर…
Zero Tolerance Policy: सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 303 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए, 12,202 घायल; 23,601 इनामी अपराधी गिरफ्तार और 15,233 करोड़ की संपत्ति जब्त
Lucknow: उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल के दौरान अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आंकड़े सामने आए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 20 मार्च 2017 से अब तक पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए, जबकि 12,202 घायल हुए हैं। इसी अवधि में पुलिस ने 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसी कानून के तहत 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध चल-अचल संपत्ति जब्त की गई है। वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 995 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
साइबर अपराध पर कार्रवाई में यूपी देश में पहले स्थान पर
साइबर अपराध से निपटने के मामले में भी उत्तर प्रदेश ने कई स्तरों पर व्यवस्था मजबूत की है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है।
साइबर अपराध पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 के जरिए अगस्त 2019 से जून 2026 तक 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज या होल्ड कराई गई। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 की साइबर अपराध संबंधी रैंकिंग में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा।
23 हजार से ज्यादा इनामी अपराधी गिरफ्तार
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 20 मार्च 2017 से अब तक हुई पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधी मारे गए और 12,202 घायल हुए। इसी दौरान 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों के खिलाफ कार्रवाई और 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्ती का आंकड़ा भी इसी अवधि का है।
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68 चिह्नित माफिया और गिरोहों पर कार्रवाई
प्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इनके खिलाफ कुल 909 मुकदमे दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इन आंकड़ों में पुलिस मुठभेड़, इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, संपत्ति जब्ती और माफिया गिरोहों के खिलाफ दर्ज मुकदमों जैसी अलग-अलग श्रेणियों की कार्रवाई शामिल है।
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अपराध के खिलाफ कार्रवाई का सरकारी दावा
उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस की ओर से इन आंकड़ों को अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के परिणाम के तौर पर पेश किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपराध संबंधी आंकड़ों और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
हालांकि, मुठभेड़ों में हुई मौतों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े प्रत्येक मामले की कानूनी स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए इन आंकड़ों को पुलिस/सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कार्रवाई के आंकड़ों के रूप में देखा जाना चाहिए।
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