आंध्र प्रदेश में एकादशी के दिन बड़ा हादसा… वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ से नौ की मौत, कई घायल

Andhra Pradesh Stampede: आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के कासिबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार सुबह एकादशी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

मृतकों में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु मंदिर की संकरी सीढ़ियों से होकर गर्भगृह की ओर बढ़ रहे थे, और अचानक भीड़ का दबाव बढ़ जाने से अफरा-तफरी मच गई।

कैसे मची भगदड़?
पुलिस के अनुसार एकादशी अवसर पर मंदिर में दस हजार से अधिक भक्त दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश द्वार की बजाय निकास द्वार से अंदर जाने की कोशिश करने लगे, जिससे अफरा-तफरी मची और भगदड़ की स्थिति बन गई।

दम घुटने से हुई मौत
अधिकारियों ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाई गई रेलिंग अचानक टूट गई, जिसके बाद कई लोग गिर पड़े और दम घुटने से सात श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

मुख्यमंत्री नायडू ने जताया गहरा शोक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा—

“कासिबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ से श्रद्धालुओं की मौत बेहद दुखद है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। मैंने अधिकारियों को घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।”


मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

यह भी पढ़ें…

PM Modi ने बच्चों से की ‘दिल की बात’, आत्मीय संवाद में दिखा अलग स्नेह…

मंत्री नारा लोकेश घटनास्थल के लिए रवाना
आरटीजीएस मंत्री नारा लोकेश ने भी हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि यह एकादशी के दिन घटी बड़ी त्रासदी है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिवारों को मेरी गहरी संवेदना है। सरकार घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रही है। मैंने जिला मंत्री अटन्नायडू और स्थानीय विधायक गौतु सीरिशा से बात की है और पीड़ितों को तत्काल सहायता का निर्देश दिया है।”

यह भी पढ़ें…

पूर्व क्रिकेट कप्तान अजहरुद्दीन की नई इनिंग — अब मंत्री के रूप में शुरुआत

बचाव कार्य जारी, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
अधिकारियों ने बताया कि मंदिर लगभग 12 एकड़ में फैला हुआ है और यहां दूर-दराज के जिलों से भी भक्त आते हैं। भीड़ नियंत्रण और आपात व्यवस्था की कमी ने इस त्रासदी को जन्म दिया। फिलहाल बचाव और राहत कार्य जारी हैं और पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

  • यह इस साल आंध्र प्रदेश में हुई तीसरी बड़ी धार्मिक दुर्घटना है।
  • जनवरी में तिरुपति में भगदड़ से छह लोगों की मौत हुई थी।
  • अप्रैल में विशाखापत्तनम के सिम्हाचलम मंदिर में दीवार ढहने से सात श्रद्धालुओं की जान चली गई थी।

राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा करने और घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देने के संकेत दिए हैं।

यह भी पढ़ें…

प्रशासनिक चूक से चाईबासा सदर अस्पताल में हुई 5 बच्चों की मौत, कार्रवाई का भरोसा

Back to top button