
Karur Stampede: 41 की मौत के बाद सीबीआई जांच तेज, 306 लोगों को भेजा गया समन
Tamil Nadu News: तमिलनाडु के करूर जिले में 27 सितंबर को वेलुचमिपुरम में हुए भीषण भगदड़ हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। अभिनेता और टीवीके (तमिझगा वेत्रि कझगम) प्रमुख विजय के एक बड़े जनसभा कार्यक्रम के दौरान यह दर्दनाक घटना हुई थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हुए।
इस हादसे ने राज्य के प्रशासनिक तंत्र और राजनीतिक जिम्मेदारी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CBI ने संभाली जांच, 306 लोगों को तलब
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी। जांच टीम के प्रमुख प्रवीन कुमार के नेतृत्व में सीबीआई ने करूर में एक अस्थायी कैंप कार्यालय स्थापित किया है और जांच की गति को तेज कर दिया है।
अब तक 306 लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजे जा चुके हैं। इनमें मरने और घायल होने वालों के परिजन, कार्यक्रम के आयोजक, प्रशासनिक अधिकारी और टीवीके से जुड़े सदस्य शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश की निगरानी
इस पूरे जांच अभियान की निगरानी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अजय रस्तोगी कर रहे हैं। उनके साथ तमिलनाडु पुलिस की एडीजीपी सोनल मिश्रा और सुमित सरन भी सक्रिय रूप से जुड़ी हुई हैं। टीम का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था क्यों विफल रही और क्या यह हादसा मानवीय लापरवाही का परिणाम था।
स्थल निरीक्षण और चूक की जांच
सीबीआई ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया और वहां मौजूद बुनियादी ढांचे, प्रवेश-निकास मार्गों, सुरक्षा बैरिकेड्स और आपातकालीन निकास की समीक्षा की। जांचकर्ताओं ने आकलन किया कि स्थल की वास्तविक क्षमता कितनी थी और आयोजकों ने किस हद तक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया।
स्थानीय दुकानदारों, चश्मदीद गवाहों और कार्यक्रम के दौरान मौजूद सुरक्षा कर्मियों से भी पूछताछ की गई। कई गवाहों ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर उम्मीद से कहीं अधिक भीड़ इकट्ठा हो गई थी और पर्याप्त नियंत्रण व्यवस्था मौजूद नहीं थी।
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पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
जांच का एक प्रमुख फोकस स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका है। करूर के पुलिस इंस्पेक्टर मणिवन्नन, जिन्होंने कार्यक्रम के लिए अनुमति दी थी, से दो घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। सीबीआई ने उनसे सुरक्षा व्यवस्था, आपात योजना और आयोजकों के साथ तालमेल को लेकर कई सवाल पूछे।
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टीवीके मुख्यालय में भी जांच
सीबीआई की टीम अगले चरण में चेन्नई स्थित टीवीके मुख्यालय का दौरा करेगी। वहां यह जांचा जाएगा कि कार्यक्रम से पहले आदेश, जिम्मेदारियों और आयोजन की अनुमति किस प्रक्रिया से दी गई थी।
इससे यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आयोजन की योजना में कहां और किस स्तर पर चूक हुई तथा उस चूक के लिए कौन व्यक्ति या संस्था जिम्मेदार थी।
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