
बिहार को नई सोच, नए नेतृत्व की तलाश… अखिलेश बोलें- महागठबंधन की सरकार बनना तय
Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बाद सियासी तापमान तेजी से बढ़ गया है। पहले चरण में करीब 61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, और अब दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है। वहीं, नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।
लेकिन इससे पहले ही समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बिहार की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है और अब महागठबंधन की सरकार बनना तय है।
बिहार को नई सोच, नए नेतृत्व की तलाश: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा, “भले ही अभी आधी सीटों पर वोटिंग हुई है, लेकिन जनता का फैसला पूरा हो चुका है। बिहार में इस बार महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। यह भारत की एकजुटता और सकारात्मक राजनीति की जीत होगी। उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता अब नफरत और विभाजन की राजनीति से तंग आ चुकी है और नई सोच, नए नेतृत्व की तलाश में है।
यह भी पढ़ें…
वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण… सीएम योगी बोले – यह भारत की एकता, भक्ति और शक्ति का प्रतीक
नई पीढ़ी पर जताया भरोसा
अखिलेश यादव ने अपने बयान में युवाओं को परिवर्तन का असली वाहक बताया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी इसलिए नई कहलाती है क्योंकि उसकी सोच भी नई होती है। यह पीढ़ी पुरानी संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर भाईचारे, इंसानियत और विकास की बात करती है। यह पीढ़ी सबको साथ लेकर चलने में यकीन रखती है।
सपा प्रमुख ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नफरत नहीं, बल्कि खुशहाली और अमन-चैन पसंद है। वह खुद भी खुश रहना चाहती है और दूसरों को भी खुश देखना चाहती है। यही पीढ़ी दुख देने वालों का विरोध करती है और मोहब्बत, तरक्की और समानता की राजनीति को अपनाती है।
यह भी पढ़ें…
अखिलेश यादव और आजम खान की लखनऊ में अहम मुलाकात, सपा में बड़े बदलाव के संकेत?
“परिवर्तन तय है” — अखिलेश यादव
अखिलेश ने कहा कि बिहार के पहले चरण की वोटिंग ने इस बात को साफ कर दिया है कि जनता बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि अब नई पीढ़ी का नया दौर शुरू हो गया है। परिवर्तन तय है और नया इतिहास लिखा जाएगा — यह इतिहास होगा मोहब्बत, खुशहाली और सबकी तरक्की का।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान बिहार में विपक्षी गठबंधन के आत्मविश्वास को दर्शाता है। वहीं भाजपा और एनडीए की ओर से कहा जा रहा है कि सपा प्रमुख का यह दावा सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है और नतीजे आने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। अब सबकी निगाहें 11 नवंबर के दूसरे चरण के मतदान और 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो तय करेंगे कि अखिलेश यादव का दावा कितना सही साबित होता है।
यह भी पढ़ें…





