UP News: ISIS मॉड्यूल चलाने के आरोप में छात्र गिरफ्तार, पाकिस्तानी हैंडलर्स से था संपर्क

UP student arrested: अधिकारियों ने बताया कि हारिस भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को गिराकर, शरिया कानून के तहत एक खिलाफत स्थापित करना चाहता था। उसने अपने समर्थकों को फिदायीन-शैली के हमले करने के लिए उकसाया।

UP student arrested: उत्तर प्रदेश पुलिस ने कथित तौर पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के विचारधारा को बढ़ावा देने और भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए सदस्यों की भर्ती करने के आरोप में हारिस अली नाम के एक व्यक्ति को सहारनपुर से गिरफ्तार किया है। उसने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एक बयान में कहा गया है कि यह गिरफ्तारी भारत में सक्रिय आईएसआईएस से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क की गतिविधियों की जांच के दौरान की गई।

आतंकी विचारधारा का करता था प्रचार-प्रसार

एटीएस के अनुसार, हारिश अपने ग्रुप्स में आईएसआईएस से जुड़े मीडिया चैनलों, पत्रिकाओं, आतंकी विचारधारा से संबंधित सामग्री, मारे गए आतंकियों की तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो साझा करता था. इतना ही नहीं, वह कुख्यात आतंकियों के भाषणों का बखान भी करता था. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी भारत, पाकिस्तान और अन्य देशों में मौजूद आईएसआईएस हैंडलर्स के संपर्क में था.

ISIS के मीडिया चैनलों को करता फॉलो

पूछताछ में सामने आया कि हारिश ने ‘अल इत्तेहाद मीडिया फाउंडेशन’ नाम से एक अलग ग्रुप भी बनाया था, जिसके जरिए वह संगठन के प्रचार से जुड़ी गतिविधियां चला रहा था. वह आईएसआईएस के मीडिया न्यूज चैनल अल-नाबा और प्रोपेगेंडा मैगजीन ‘दाबिक’ को भी फॉलो करता था.

पुलिस की पूछताछ जारी

एटीएस के मुताबिक, आरोपी लोकतांत्रिक व्यवस्था को नहीं मानता था और शरिया कानून लागू कर तथाकथित खिलाफत व्यवस्था स्थापित करने की बात करता था. उस पर अपने ग्रुप्स में लोगों को फिदायीन हमलों के लिए भड़काने का भी आरोप है. फिलहाल एटीएस आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य संभावित संपर्कों की जांच कर रही है.

अधिकारियों ने बताया कि हरीश भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को गिराकर, शरिया कानून के तहत एक खिलाफत स्थापित करना चाहता था। उसने अपने समर्थकों को फिदायीन-शैली के हमले करने और जिहादी विचारधारा फैलाने के लिए उकसाया।

वह ISIS के मीडिया माध्यमों, जिनमें ‘दाबिक’ पत्रिका और ‘अल-नबा’ समाचार चैनल शामिल हैं, पर बारीकी से नज़र रखता था, और अपने नेटवर्क के साथ चरमपंथी निर्देश तथा दुष्प्रचार साझा करता था।

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