UP News: गरीबी का फायदा उठाकर बेच रहे थे मासूमों की जिंदगी, लखनऊ पुलिस ने गिरोह दबोचा

Lucknow Crime News: लखनऊ पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 12-16 साल की गरीब बच्चियों को राजस्थान में बेचता था।

Lucknow Crime News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय मानव तस्करी (Human Trafficking) गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की 12 से 16 साल की नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान में शादी के नाम पर बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक बाल अपचारी (Minor) समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

यह गिरोह पिछले छह सालों से सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक किशोरियों का सौदा कर चुका है। प्रति लड़की एक से डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय किया जाता था।

CCTV कैमरों की मदद से खुलासा

एडीसीपी (दक्षिणी) आर. वसंत कुमार के अनुसार, मोहनलालगंज के गनियार गांव की रहने वाली कमलेशा ने 12 मई को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी 16 और 12 साल की दो नातिनों को रिश्तेदारी का ही एक किशोर अपनी महिला सहयोगी के साथ बहला-फुसलाकर ले गया है।

पुलिस ने लगभग 24 दिनों तक लगातार जांच की और करीब 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़े प्रयासों के बाद 18 मई को दोनों बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया।

ऐसे फंसाते थे जाल में

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह के सदस्य गरीब बच्चियों को निशाना बनाते थे। उन्हें अच्छे कपड़े, घूमना-फिरना और बेहतर जिंदगी का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वे लड़कियों को बहला-फुसलाकर पहले रायबरेली ले जाते थे। वहां उन्हें नए और महंगे कपड़े पहनाए जाते थे, ताकि वे अच्छी दिखें।

इसके बाद उनकी तस्वीरें राजस्थान में बैठे खरीदारों को भेजी जाती थीं। जब खरीदार लड़की को पसंद कर लेता और सौदा पक्का हो जाता, तो उन्हें राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेच दिया जाता था।

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गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी

पुलिस ने बुधवार देर रात अतरौली क्रॉसिंग के पास से घेराबंदी करके चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है. प्रिया पटेल उर्फ शीला, मुख्य आरोपी महिला जो राजस्थान के खरीदारों से जुड़ी थी। अनुराग यादव, अख्तर और एक 17 वर्षीय बाल अपचारी (नाबालिग आरोपी) है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तस्करी में इस्तेमाल होने वाला एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया है। इस गिरोह के दो मुख्य तस्कर, राजस्थान के कोटा निवासी सोनम और उसका पति भूपेंद्र चौधरी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

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6 साल में 20 से ज्यादा लड़कियां बेचीं

इंस्पेक्टर मोहनलालगंज बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रिया पटेल साल 2020 में राजस्थान के कोटा निवासी सोनम और भूपेंद्र के संपर्क में आई थी। तब से यह नेटवर्क लगातार चल रहा था। गिरोह ने कबूला है कि वे अब तक 20 से अधिक बच्चियों को राजस्थान में बेच चुके हैं। हाल ही में इस गिरोह ने रायबरेली की दो सगी बहनों को भी राजस्थान में बेचा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने और अन्य पीड़ितों का पता लगाने में जुटी है।

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